समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री बड़े भाई आदरणीय यासर शाह जी से आज उनके लखनऊ आवास पर बड़े भाई सुदीप जैन व भाई शुभम जैन के साथ आत्मीय भेंट हुई।
@yasarshah_SP@JyotiDevSpeaks@Sudeep_Jain_Mrt
शालीमार बाग़, दिल्ली — जैन मंदिर शासन,प्रशासन का अत्याचार
दिल्ली में BJP की सरकार, केंद्र में भी BJP और निशाने पर जैन मंदिर?
जिन जैनों ने BJP को वोट दिया, समर्थन दिया उन्हें मिला क्या?
जवाब में मिला बुलडोज़र
जिसे वोट दिया, वो जिनालय तोड़ रहा है!
अब भी नहीं समझे तो देर हो जाएगी।
धन्यवाद बड़े भैया @BhimArmyChief जी आपने हमारे जैन समाज के तीर्थस्थल गिरनार पर्वत जी को कब्जा मुक्त कराने के लिये आवाज़ उठाई।
समस्त जैन बंधुओं की और से आपका बहुत बहुत आभार प्रकट करता हूँ
गुजरात स्थित जैन धर्म तीर्थस्थल गिरनार जी पर्वत जो 22वें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ जी की कर्मस्थली है, गुजरात सरकार द्वारा दत्तात्रेय पर्वत घोषित कर दी गई है।
वहां जैन तीर्थयात्रियों के साथ, कब्ज़ा जमाए बैठे अराजक तत्व, बदतमीज़ी और मारपीट तथा दर्शन करने में व्यवधान उत्पन्न करते हैं।
“गिरनार पर लाडू, द्रव्य, जयकारा — सब पर बैन! प्रशासन का तुगलकी फरमान जैन आस्था का अपमान है। हजारों साल पुरानी परंपरा पर रोक मंजूर नहीं! गिरनार हमारा है, हमारा रहेगा! #Jainism#Girnar”#गिरनार#नेमिनाथ_भगवान
“गिरनार हमारा था, हमारा है, हमारा रहेगा।
गिरनार पर जैन अनुयायियों को न केवल लाडू चढ़ाने से, बल्कि नेमिनाथ भगवान का जयकारा बोलने और द्रव्य चढ़ाने से भी रोका जाना अल्पसंख्यक अधिकारों पर सीधा हमला है। भाजपा सरकार का यह असंवैधानिक और क्रूर कदम किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं
#गिरनार
उत्तर प्रदेश में सच बोलना गुनाह बनता जा रहा है। पत्रकारों को ज़मीनी हकीकत दिखाने से रोका जा रहा है,और जो लोग सोशल मीडिया पर सच्चाई लिख रहे हैं,उन्हें FIR की धमकी दी जा रही है।
सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए दमनकारी नीतियाँ अपना रही है।
#योगी_इस्तीफा_दो
दलितों ,पिछड़ो ,गरीब ,किसान ,मजदूर की बुलंद आवाज और उनके हक अधिकारों के लिए संसद से लेकर सड़क तक संघर्षरत #PDA_मसीहा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ• श्री @yadavakhilesh जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं ईश्वर आपको हमेशा स्वस्थ रखें और दीर्घायु जीवन प्रदान करें ।
आज इंदिरा गांधी जी के प्रति सम्मान और बढ़ गया
"जब अमेरिका और चीन पाकिस्तान के साथ खड़े थे, तब भी इंदिरा गांधी जी झुकी नहींं।
युद्धविराम तभी हुआ जब पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। यही होती है असली लौह-इच्छाशक्ति।"
@JyotiDevSpeaks