कोंग्रेस की बदनसीबी ये है कि किसी अयोग्य भाई को पीएम बनाने के चक्कर में अपने क्षेत्रीय नेताओं के सही बात को भी नज़रअन्दाज़ कर अपना वोट बैंक धीरे धीरे खोती जा रही है। दिल्ली और बंगाल यूपी इसके उदाहरण हैं।
कम से कम उनसे सीख लेते हुए योगा का कार्यक्रम कोंग्रेस मुख्यालय में रखना चाहिए। बीजेपी योग को बढ़ावा देती है इसका मतलब थोड़े ही हुआ कि कोंग्रेस को उसका विरोध करना है। ऐसे तो आपलोग जनमानस से और दूर हो जाएँगे।