क्षत्रिय समाज बुद्धि से काम ले!
समाज के प्रमुख लोग मिलकर एक पार्टी का गठन करें! लोगों के समक्ष लोकप्रिय और राष्ट्रवादी योजनाएं रखें और सर्वहितकारी, निष्पक्ष सरकार चलाएं!
बाबरनामा , बुक आज तक मूल रूप में मिली नहीं है! दो से तीन बार अनुवाद हुआ अब अनुवादक ने अपनी तरफ से नहीं लिखा, इसकी कौन गारंटी लेगा?
अपने दुश्मन को तो सभी बदनाम करते हैं! कल को कोई पाक अफसर लिख दे कि कारगिल में भारत ने इनवाइट किया था तो क्या हम मान लेंगे? बिल्कुल नहीं ! कभी नहीं!
भाजपा सरकार के लोकतंत्र कि खुबसूरती देख लिजिए, यह है भाजपा लोकतंत्र।
छत्तीसगढ़ के व्यवसायी "वीरेंद्र सिंह तोमर" के साथ ऐसा बर्ताव छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार @ChhattisgarhCMO पर प्रश्न चिन्ह है।
क्या यही भाजपा सरकार के लोकतंत्र की खुबसूरती है ?
क्या यही भाजपा सरकार का संविधानिक
इतने छोटे चुनाव में विधायक को दखल नहीं देना चाहिए! वकील साहब भी तो बीजेपी से ही हैं, फिर उनकी पत्नी का विरोध क्यों किया जा रहा था?
पार्टी का मामला है! बैठकर निबटा लेना चाहिए!
अगली बार चुनाव में भी जाना है!
जोधा नाम का कोई पात्र इतिहास में नहीं है! हां मंदिरों को बचाने, हिन्दुओं को बचाने के लिए संधि हुई! आज मिर्जा जयसिंह और उनके पूर्वज महाराज मानसिंह की मेहरबानी है, जो हिंदू इस देश में बचे हुए हैं! बाकी राघव चेतन, माधो भट्ट, गंगू बामन, बीरबल और तानसेन जी के बारे में क्या ख्याल है?
चूंकि बीजेपी ने इस समय जाटों को अपना दामाद बनाया हुआ है! इसलिए जैसे ही थप्पड़ पड़ा, भूचाल आ गया! एक सामान्य घटना है किंतु बीजेपी ने तूफान उठा दिया! यही बीजेपी कंगना रनौत के समय चुप्पी साधे बैठी रही थी! यूपी में मेरा निजी अनुभव है कि आज एसडीएम सबसे भ्रष्ट पोस्ट है!
इसलिए मैं कहता हूं कि क्षत्रियों को यह नरेटिव छोड़ना पडेगा कि "हमने इस्लाम का विरोध किया "। यह ब्राह्मणों द्वारा ही हिन्दू-मुस्लिम polarisation करने का नरेटिव है।
यह नरेटिव हमारे इतिहास के लिए भी दलदल है जिसके चक्कर में आकर हमारा समाज भी राईट्विंग और सेकुलर ब्राह्मणवादियों के