एक सवाल जो कोई नहीं कर रहा है वह यह है कि 63000 करोड़ रुपयों में खरीदे गए 26 राफेल में से अब कितने शेष हैं। यकीनन हमने पाकिस्तान के मार गिराए लेकिन हमारे कितने गिरे? 1,2 या 3 या एक भी नहीं।
7 तारीख को एक खबर सीएनएन ने किसी फ्रांसीसी विशेषज्ञ के हवाले से ब्रेक करी कि
भारत के
Awesh Tiwari
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- यह इलाहाबाद का जामा मस्जिद चौक है जो श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। यह असल देश है यही गंगा जमुनी तहजीब है।
- प्रधानमंत्री जी कल अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं। बहन जी मणिपुर की हैं सब्जी लेने जा रही हैं वह भी अमेरिकन एसाल्ट राइफल के साथ। चौंकिए मत मणिपुर हिन्दुस्तान में ही है।
00:00 - सेबी अध्यक्ष माधवी पूरी बुच और उनके पति की आज रात गिरफ्तारी न हो तो समझ लीजिए भाजपा से बढ़कर भ्रष्ट सरकार और मोदी से बढ़कर भ्रष्ट प्रधानमंत्री कोई दूसरा नहीं है। #HindenbergReport
- मौलाना हुसैन अहमद मदनी’ ने अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ फतवा दिया कि अंग्रेज़ों की फौज में भर्ती होना हराम है। अंग्रेज़ी हुकूमत ने मौलाना के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। सुनवाई में अंग्रेज़ जज ने पूछा, “क्या आपने फतवा दिया है कि अंग्रेज़ी फौज में भर्ती होना हराम है?” मुझे सिखाया जाता
- यह बिहार का सुपौल है। जो पत्थरबाजी कर रहे मुसलमान नहीं है। जनता का आरोप था कि दरोगा गाली देता है, न्याय नहीं करता, बस वसूली करता है, थाने में सुनवाई नहीं होती। फिर क्या था जनता आग बबूला हो गई। पुलिस ने भी पिस्तौल तान दी। देश में हर कोई भरा हुआ है। बिहार हो या यूपी।
00:00 - योगी ने कहा कि बटेंगे तो कटेंगे। यूपी के युवाओं ने कहा ठीक है चलिए नहीं बंटते। हिंदू और मुसलमान एक हुए, छात्र और मजदूर एक हुए और इलाहाबाद में हल्ला बोल दिया। ट्विटर पर मौजूद चवन्नियों को भूल जाइए, जमीन पर यूपी सुलग रहा है। योगी के पास सिवाय भाषणबाजी के कुछ भी शेष नहीं बचा है।
00:00 - जर्नलिज्म तो वैसे ही होगी जैसे जर्नलिस्ट चाहेगा। जुबैर @zoo_bear ने कल जो सारी रात किया वह अंजना, चित्रा, रुबिका जैसे लोगों के बस की बात नहीं है। वह आज तक, दैनिक जागरण इंडिया टुडे, बीबीसी के बस की भी बात नहीं है। सारी रात जागकर जुबैर ने पाकिस्तानी मीडिया के प्रोपोगंडे की हवा की
- मौत आए तो पण्डित नेहरू जैसी… कि विरोधी रोए, विपक्षी रोए, दोस्त रोए, दुश्मन रोए, सारा जहाँ रोए। यह कहानी आज ही के दिन की है। सन् ‘64 में आज ही के दिन जब पण्डित नेहरू का निधन हुआ तो तत्कालीन रक्षामंत्री वाई बी चव्हाण रक्षा सौदे के लिए अमेरिका गए हुए थे। सूचना मिली तो चव्हाण साहब
- पवन खेरा जिस लेवल पर जाकर माधवी बुच की जादुई दुनिया के खुलासे कर रहे हैं वह काम किसी बड़े इकोनॉमिक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म नेटवर्क के द्वारा ही संभव हो सकता था। इसी आक्रामक राजनीति की ही कांग्रेस को जरूरत थी। बीती रात सेबी के एक अधिकारी साथी ने बड़ी मजेदार बात बताई। वह कह रहे
- महाराष्ट्र चुनाव में जितने वोट पड़े थे उससे 5 लाख 4 हजार 313 वोट अतिरिक्त गिने गए। कांग्रेस, सपा ,टीएमसी, राहुल जी, अखिलेश जी, ममता दीदी मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि चुनाव आयोग को संसद में खींचकर लाएं। हमारे मताधिकारों की रक्षा कौन करेगा?, इसकी जिम्मेदारी तय करें। अगर संसद
- अमेठी को लेकर बड़ी खबर आ रही है। चुनाव प्रचार समाप्त होने की शाम स्मृति जी और बाबाजी के बीच फोन पर हॉट टॉक हो गई है। स्मृति ने आरोप लगा दिया कि आप के इशारे पर अमेठी में संगठन के लोग उनका असहयोग कर रहे हैं, आपका झगड़ा मुझसे तो नहीं है जिनसे हैं उनसे निपटिए। बात तुम तड़ाम तक आ
- जूते को जब बिना गिने मुंह पर मारना हो तो हमारे यहां पहले थूक लगाते हैं. अबे दलालों के बाप, वो हिंदुस्तानी हैं जो गलत तरीके से गए. वह इसलिए गए कि तेरे नकली बाप ने जो सालाना २ करोड़ नौकरियों का वायदा किया था पूरा नहीं किया और वह पैसा जो नौकरियों में खर्च होता अपने यारों और तुझदेश छोड़कर ग़लत तरीक़े से एक तो विदेश गए, ग़ैरक़ानूनी काम किया और उसके बाद अपराधी की तरह नहीं भेजे जाएँगे वापस तो क्या बारात निकालकर गाजे बाजे के साथ भेजा जाएगा क्या? वो तो शुक्र है कि वापस भेज दिया और यहाँ कि सरकार ने घर भेज दिया, नहीं तो सड़ते अमेरिका की जेल में । लेकिन कुछ












