आधुनिक मनुस्मृति जलाने और फाड़ने से जाति व्यवस्था खत्म नहीं होगी, भारतीय संविधान ने जाति व्यवस्था को संवैधानिक बना दिया, उसका क्या करोगे?
आधुनिक मनुस्मृति में जो लिंग व्यवस्था (महिलाओं और पुरुषों) थी, वो संविधान में अनुच्छेद प्रावधान (14 to 24) डालकर खत्म कर दिए गए, धीरे धीरे
आधुनिक मनुस्मृति जलाने और फाड़ने से जाति व्यवस्था खत्म नहीं होगी, भारतीय संविधान ने जाति व्यवस्था को संवैधानिक बना दिया, उसका क्या करोगे?
आधुनिक मनुस्मृति में जो लिंग व्यवस्था (महिलाओं और पुरुषों) थी, वो संविधान में अनुच्छेद प्रावधान (14 to 24) डालकर खत्म कर दिए गए, धीरे धीरे
स्कूल कॉलेजों में भक्ति, देशभक्ति संगीत पर प्रोग्राम करना लगभग खत्म होता जा रहा था थोड़ा बहुत ही देशभक्ति संगीत पर मिलता था वो भी 15 अगस्त और 26 जनवरी के किसी प्रोग्राम में,
2019 के बाद ये सोच लगभग बदल सा गया, बच्चे भक्ति और देशभक्ति दोनों से अब मुंह नहीं मोड़ रहे ये एक अच्छी
आधुनिक मनुस्मृति जलाने और फाड़ने से जाति व्यवस्था खत्म नहीं होगी, भारतीय संविधान ने जाति व्यवस्था को संवैधानिक बना दिया, उसका क्या करोगे?
आधुनिक मनुस्मृति में जो लिंग व्यवस्था (महिलाओं और पुरुषों) थी, वो संविधान में अनुच्छेद प्रावधान (14 to 24) डालकर खत्म कर दिए गए, धीरे धीरे
छत्तीसगढ़ में मुकेश चंद्राकर नाम के एक पत्रकार की हत्या कर दी गई और उनके शव को सुरेश चंद्राकर नाम के ठेकेदार ने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया क्योंकि उन्होंने एक सड़क निर्माण परियोजना में ठेकेदार के भ्रष्टाचार को उजागर किया था।
1. यह ठेका पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा दिया गया था
मनुस्मृति फाड़ना इनका मकसद नहीं था, सनातन धर्म को नीचा दिखाना था।
इनका जाति व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं है, नफरत फैलाना है।
इनके मुंह से जाति व्यवस्था को खत्म करने के लिए एक आवाज नहीं निकलेगी।