मोबाइल ही नहीं, विश्वास भी लौटाया : ₹2.18 करोड़ की संपत्ति नागरिकों को वापस....
तकनीक, तत्परता और जनसेवा के समन्वय से मध्यप्रदेश पुलिस लगातार नागरिकों का विश्वास मजबूत कर रही है।
#MPPolice
राज्य महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव एवं सदस्य सुश्री साधना स्थापक ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा से भेंट कर महिला सुरक्षा, गुमशुदा बालिकाओं की शीघ्र बरामदगी तथा महिलाओं से संबंधित अपराधों की रोकथाम के विषयों पर चर्चा की।
डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस महिला एवं बालिका सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीक, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया और अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से गुमशुदा बालिकाओं की रिकॉर्ड स्तर पर बरामदगी सुनिश्चित कर रही है।
साथ ही महिला संबंधी अपराधों पर प्रभावी एवं संवेदनशील कार्रवाई निरंतर जारी है। राज्य महिला आयोग ने महिला सुरक्षा एवं बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
नशा मुक्त मध्यप्रदेश की ओर एक और मजबूत कदम..
प्रदेशभर में कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने ₹1.62 करोड़ से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए।
#MPPolice
✨ Nice interaction with the 77 RR IPS probationers of MP cadre today...they will now proceed to SVP National Police Academy, Hyderabad for Phase 2 training..💐
#DGPMP#MPPolice@svpnpahyd
मध्यप्रदेश पुलिस को मिली 983 नई ऊर्जा और जनसेवा के लिए समर्पित नई शक्ति।
डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रशिक्षित यह नई पीढ़ी साइबर अपराध, नशा मुक्ति अभियान और सिंहस्थ-2028 जैसी चुनौतियों के लिए तैयार है।
#MPPolice
देशभक्ति, अनुशासन और जनसेवा के संकल्प के साथ 983 नव आरक्षक बने मध्यप्रदेश पुलिस परिवार का हिस्सा...
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने आज पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में आयोजित 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के दीक्षांत समारोह में परेड की सलामी ली।
#DGPMP
लगभग एक वर्ष के कठिन, अनुशासित एवं बहुआयामी प्रशिक्षण के उपरांत 983 नव आरक्षक (787 महिला एवं 196 पुरुष) मध्यप्रदेश पुलिस परिवार का हिस्सा बने। इस अवसर पर डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास है।
उन्होंने नव आरक्षकों से संवेदनशील, ईमानदार, तकनीकी रूप से दक्ष एवं जनोन्मुखी पुलिसकर्मी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व और सेवा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों के इस दौर में पुलिसकर्मियों को निरंतर सीखते रहना होगा तथा बदलती चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।
डीजीपी श्री मकवाणा ने नव आरक्षकों से मध्यप्रदेश पुलिस के मूल मंत्र ‘देशभक्ति-जनसेवा’ को अपने आचरण में उतारने, समाज में विश्वास का वातावरण मजबूत करने तथा ‘नशे से दूरी है ज़रूरी’ जैसे जनहित अभियानों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।