सद्दाम हुसैन ने एक मीज़ाइल मारी थी इज़्राराइल पर,जिससे उम्मत दीवानी हो गई थी,और उस वक़्त पैदा होने वाले बच्चों के नाम सद्दाम रख रहे थे,
ख़ामेनई साहब ने तो इज़्राराइल को छेद डाला है,रहती दुनिया तक ज़माना याद करेगा अंजाम कुछ भी हो,या खामेनई सलामती हो अल्लाह की तुमपर।