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जिस राज्य में कोई भूखा हो, वहाँ वैभव किस काम का? :
द्वारका नगरी उस समय वैभव, समृद्धि और धर्म का केंद्र थी। चारों ओर सुख और संपन्नता दिखाई देती थी। ऊंचे-ऊंचे महल, विशाल बाजार और खुशहाल प्रजा देखकर हर कोई द्वारका की प्रशंसा करता था। एक दिन राज्य की महारानी माता रुक्मिणी साधारण














