अभी पाकिस्तान में कुछ चैनलों पर बहुत सारे दस्तावेज जो बेहद गोपनीय थे वह सामने आ गए जो तब के हैं जब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे और जनरल बाजवा सेना प्रमुख थे
उन दस्तावेजों के अनुसार अमेरिका में भारत को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान ने एक प्लान बनाया 1/3
दीप्ति सिंह🇮🇳
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Proud to be Hindu's daughter 🚩
- चले थे सरकार को किसान विरोधी घोषित करने खुद ही देशद्रोही और गुंडे साबित हो गए....! उसने पीएचडी की है राजनीति में जिसका नाम मोदी है...!!
- हाथरस जाकर घरों की लैटरीन में घुस-घुसकर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार बंगाल जाने का रास्ता भूल गये हैं .. ❓ 🤬🤬🤬
- चालीस मिनट के भाषण को एक लाइन मे समझें: न खाऊंगा, न खाने दूँगा। 😄
- जवाहरलाल नेहरु ने अपनी पत्नी के साथ जो किया वो इतना भयावह था कि जान कर आप नेहरु से नफरत करने लगेंगे.. टीवी चैनल्स पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के द्वारा अक्सर ये आरोप लगाते हुए सुना जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया.
- कल ओवैसी का भाषण सुनकर रात भर नींद नही आई... लेकिन फिर सोचा जब बाबरी टूटी थी तब ना मोदी थे ना योगी... !! 😂😂 @asadowaisi
- Replying to @singhparulukविषय यह है कि गिरिजा टिक्कू की खबर आप तक कभी क्यों नहीं पहुंची . एक व्यक्ति को अभी हाल ही में फोर्सेज ने जीप के आगे बिठाकर घुमाया तो इसपर काफी चर्चा हुई एवं उसके मानवाधिकार पर गहरी चिंता जाहिर की गयी तो फिर गिरिजा टिक्कू के मानवाधिकार का क्या हुआ?
- UP वाला कह रिया है UP छोड़ दो, MP वाला कह रिया है MP छोड़ दो, असम वाला कह रिया है असम छोड़ दो... CAA/NRC/NPR कह रिया है कि..... खैर छोड़ो..... कागज़ ढूँढ़ लो... 🤣🤣
- Replying to @singhparulukउस स्त्री का नाम था गिरिजा टिक्कू . जो 25 वर्ष की एक ख़ूबसूरत महिला थी एवं कश्मीर के बांदीपोरा में एक शिक्षिका थी . 1990 में जब आतंकवाद बढ़ा तो वह बांदीपोरा छोड़ कर बाहर निकल गयी लेकिन वह अपना सामान नहीं ले जा पायी थी. एक दिन किसी के यह कहने पर कि अब वहां
- हो जाए मुकाबला 1 मिनट में 20 ट्वीट #Terrorism_In_Madarsa
- Replying to @singhparulukपास से आरी चलाकर दो भागों में काट दिया गया एवं सड़क के किनारे फ़ेंक दिया गया ..... लेकिन इतनी बड़ी घटना अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर अपना स्थान नहीं बना पायी . देश के लोगों को इसकी खबर नहीं हुई. कोई कैंडल मार्च नहीं निकला ... कोई सभा नहीं हुई..... क्यों ?
- Replying to @singhparulukकश्मीर की आज़ादी के नाम पर एक स्त्री से ऐसा व्यवहार क्या भुला देने योग्य था ? लेकिन ऐसा हुआ। यहाँ यह बात दृष्टव्य है कि यह घटना 25 जून 1990 की है , उस समय V P singh प्रधान मंत्री थे एवं मुफ़्ती मोहम्मद सईद उनके गृह मंत्री।
- Replying to @singhparulukयह तो होता ही रहता है..... आपने सुना होगा मुलायम जी ने कहा था लड़कों से गलतियाँ हो जाती हैं . ...... लेकिन बलात्कार के बाद जो हुआ वह अत्यंत वीभत्स था एवं सम्पूर्ण मानव इतिहास को कलंकित करने वाला था . बलात्कार के बाद उसके शरीर को उसके गुप्तांगो के
- Replying to @singhparulukस्थिति सामान्य है, वह बांदीपोरा अपना सामान लाने गयी. लेकिन वहां से वह वापस नहीं आ पायी. एक शिक्षिका जो अपना सामान लाने गयी थी का भीड़ के द्वारा बलात्कार किया गया . लेकिन बलात्कार इस देश में कौन सी बड़ी घटना है

