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अपने-अपने राम 🙏
वाल्मीकि के राम राजकुमार थे, तुलसी के राम 12 कलाओं के स्वामी भगवान थे, कबीर के राम निराकार थे, भाजपा के राम सत्ता के साधन थे और कांग्रेस के राम कपोल कल्पना थे, जैसा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दिया
राम को जिसने जैसा देखा, वैसा पाया
जाकी रही भावना
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