ये संध्या है, 8 साल की छोटी सी बच्ची, जिसका रोज का काम है, कुएं से पानी भरना।
पानी लेने संध्या की मां भी आती हैं और गांव की दूसरी महिलाएं और बेटियां भी।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इस आदिवासी गांव में पीने के पानी के लिए रोज ऐसे जद्दोजहद होती है
पूरी रिपोर्ट जल्द @PotliNews पर
ये महिलाएँ जिस कुएँ से पानी भर रहीं वो किसी का निजी है, इसलिए उसके मना करने के बावजूद इन का पानी भरना मजबूरी है, कुएँ का पानी गंदा है लेकिन दूसरे विकल्प नही, इस आदिवासी गाँव में 1-2 हैंडपंप हैं लेकिन वहाँ मुहल्ले के लोग रात से लाइन में लग जाते हैं, जब ये कुआँ सूख जाता है तो कई Km
बिहार के सबसे हाईटेक और अमीर किसान 👩🌾🚜
दिल्ली के हंसराज कॉलेज और दार्जिलिंग के Sent Paul से पढ़े सुधांशु कुमार के पिता चाहते थे वो IAS बने, गाँव से दूर रहे। लेकिन बेटे को समस्तीपुर की मिट्टी से प्यार हो गया था,
गाँव लौटने पर नाराज़ पिता ने सबसे ख़राब आम के बाग देकर अग्नि
"एक किसान ने पूछा, आप हमें किसान क्यों बोलते हो?
बीज कौन बनाता है? कौन बेचता है? प्राइवेट कंपनी। जो फर्टिलाइजर हैं वो बड़े #corporate बनाते हैं। कई जगह पानी का डिस्ट्रीब्यूशन भी प्राइवेट हाथ में जा रहा है। किसान के हाथ में सिर्फ कर्जा है। अभी बताइए क्या हम किसान हैं?"- पी.
ओले और बारिश से बर्बाद फसल देख रो पड़ा किसान
ये मध्य प्रदेश में निवाड़ी तहसील में राजापुर पंयाई गांव के छोटे से किसान काशीराम कुशवाह हैं, बेमौसम बारिश और ओलों से तबाह हुई, गेहूं की फसल देख खुद को संभाल नहीं पाए।
कर्ज और उधर लेकर रबी की फसल बोने वाले लाखों किसानों के सामने
" 5 लाख के ट्रैक्टर पर 60 हजार रुपए की जीएसटी है। खेती के हर उपकरण और इनपुट पर 5 से 28% तक #GST है, सरकारें किसानों को टैक्स के जरिए निचोड़ रहीं, महंगाई के अनुपात में किसानों की फसल के दाम नहीं बढ़े।"
रमेश कुमार,टमाटर किसान
Full Video youtu.be/2201Yp7SdLs?si…#NewsPotli
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत @RakeshTikaitBKU लखनऊ में किसान दिलराज सिंह का पॉलीहाउस देखने पहुंचे। दिलराज सिंह रंगीन शिमला मिर्च की खेती करते हैं। राकेश टिकैत ने #polyhouse और #dripirrigation जैसी तकनीक के फायदे भी बताए।
#Farming#agriculture
"जो मेन स्ट्रीम मीडिया है, जिसे मैं कॉरपोरेट मीडिया कहता हूं। उसमें ग्रामीण भारत के लिए न कोई जगह है, न इज्जत और न ही दिलचस्पी है। जिस ग्रामीण भारत में 67 फीसदी आबादी रहती है, उसे राष्ट्रीय अखबारों के पहले पेज पर दशमल .67फीसदी जगह मिलती है।- पी.साईनाथ @PSainath_org वरिष्ठ
“यह है हमारे घर का काला नमक धान की बालियाँ। धान की कटाई के समय पारंपरिक रूप से धान के गुच्छे बनाये जाते हैं, जिसे हम “ सिधरी” कहते हैं।
इसे घर के बरामदों में लटकाया जाता है, विशेषकर बरसात के समय। बरसात में गौरैया को भोजन नहीं मिल पाता, ऐसे में गौरैया इन धान की बालियों पर
27 साल की अनुष्का जायसवाल, दिल्ली के हिंदू कॉलेज से Economics graduate है, फ्रेंच भाषा की वो टॉपर रही हैं.. उनका पेशा किसानी है। खेती... लेकिन बिल्कुल अलग हटकर.. Protected Cultivation.. पॉलीहाउस लो-टनल और Drip Irrigation तकनीक के साथ exzoite vegetable विदेशी सब्जियों की खेती। एक
प्याज के निर्यात पर ड्यूटी के बीच देश में किसानों के उत्पाद के रेट फिक्स करने यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर बहस शुरु हो गई है। कृषि एवं निर्यात नीति विशेषज्ञ @Devinder_Sharma कहते हैं, "पेन से लेकर कार और नमक से लेकर दवा तक रेट फिक्स हैं, वैसे ही क्यों न किसान के उत्पाद