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Pooran Singh
@pooran775
विश्व मानव की ऐकता और अखंडता ।साहित्य सृजन सभी स्वरचित ट्वीटस Senior Audit officer (Retd.),भारत के नियंत्रक महा लेखा परीक्षक (CAG)/ ट्वीटस Fav.में
जयपुर,भारत
Born November 20, 1955
Joined April 2014
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    जिन्हें हर बख्त समझते रहे बहुत खास ऐक पल भी नहीं रहता जब उनके पास। तब सारे भ्रम टूट जाते हैं ऐक ही पल में बिकृत मन बिखरता जाता होकर हतास।।
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    रामनाथ कोविंद कोली समाज से हैं 1947में कोलियों की 42 रियासतें थीं जिन्हें स्वतंत्र भारत में मिलाया गया था फिर ये दलित कैसे हुए
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    खूँटा ठोक दिया, तो भैंस भी बंधेगी दाल चावल हैं तो खिचडी भी रंधेगी चिल्लाते रहेंगे चोरों की आदत यही घोडी ठाकुर की चौक में ही बंधेगी।
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    धर्म कहता है बूचड़ खाने बंद हो इंशानियत कहती है शराब बंद हो। हर मानव मानवता की पहल करे धर्म के नाम पर न कहीं द्वंद हो।।
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    मश्जिद की हर ईंट पर राम लिखा हो मंदिर की सीढी चढ़ते पैगाम खुदा हो। इंशानियत के सब दीप जलें मिलकर प्रकाशित विश्व धरा जब सूर्य विदा हो।
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    यदि रेत में भी स्वर्ण है तो खेत क्यों उदास है। सदियों से प्रश्न है यही हल किसी के पास है।
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    पता नहीं क्यों अब भी याद आते है जो भूल से गये हैं। असमंजस के मौसम में बदलता माहोल स्वार्थ की लताओं में लटक कर मुँह उनके फूल से गये हैं।
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    जो पहले कहता है वही बदनाम होता है नीयति में सबका ऐक ही पैगाम होता है। ये अजीब कहानी है अपनापन जताने की जो आँगे बढें उसके सर इल्जाम होता है।
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    राजस्थान में महिलाओं द्वारा शराब का किया जा रहा बिरोध धीरे धीरे जन क्रांति का रूप लेकर राजस्थान को नशा मुक्त करने की उठाया गया ठोस कदम है।
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    जिन्हें शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय गान नहीं गाया जाता उन संस्थानों को कोई भी राष्ट्रीय सहायता नहीं दी जानी चाहिए
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    श्री राम वंशावली
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    बूँद बूँद जल की धरोहर है कल की हर बूँद का सदुपयोग है प्रवंधन जल की।
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    निवेदिता जोधपुर