PinnedPooran Singh@pooran775Jul 14, 2021जिन्हें हर बख्त समझते रहे बहुत खास ऐक पल भी नहीं रहता जब उनके पास। तब सारे भ्रम टूट जाते हैं ऐक ही पल में बिकृत मन बिखरता जाता होकर हतास।।3523524414411.9K1.9K
Pooran Singh@pooran775Jun 24, 2017रामनाथ कोविंद कोली समाज से हैं 1947में कोलियों की 42 रियासतें थीं जिन्हें स्वतंत्र भारत में मिलाया गया था फिर ये दलित कैसे हुए21217373125125
Pooran Singh@pooran775Jul 3, 2017खूँटा ठोक दिया, तो भैंस भी बंधेगी दाल चावल हैं तो खिचडी भी रंधेगी चिल्लाते रहेंगे चोरों की आदत यही घोडी ठाकुर की चौक में ही बंधेगी।777777120120
Pooran Singh@pooran775Mar 22, 2017धर्म कहता है बूचड़ खाने बंद हो इंशानियत कहती है शराब बंद हो। हर मानव मानवता की पहल करे धर्म के नाम पर न कहीं द्वंद हो।।448888107107
Pooran Singh@pooran775Mar 21, 2017मश्जिद की हर ईंट पर राम लिखा हो मंदिर की सीढी चढ़ते पैगाम खुदा हो। इंशानियत के सब दीप जलें मिलकर प्रकाशित विश्व धरा जब सूर्य विदा हो।887878110110
Pooran Singh@pooran775Jun 30, 2017यदि रेत में भी स्वर्ण है तो खेत क्यों उदास है। सदियों से प्रश्न है यही हल किसी के पास है।664141103103
Pooran Singh@pooran775Jun 15, 2017पता नहीं क्यों अब भी याद आते है जो भूल से गये हैं। असमंजस के मौसम में बदलता माहोल स्वार्थ की लताओं में लटक कर मुँह उनके फूल से गये हैं।6668689797
Pooran Singh@pooran775Mar 3, 2018जो पहले कहता है वही बदनाम होता है नीयति में सबका ऐक ही पैगाम होता है। ये अजीब कहानी है अपनापन जताने की जो आँगे बढें उसके सर इल्जाम होता है।3346468686
Pooran Singh@pooran775Apr 5, 2017राजस्थान में महिलाओं द्वारा शराब का किया जा रहा बिरोध धीरे धीरे जन क्रांति का रूप लेकर राजस्थान को नशा मुक्त करने की उठाया गया ठोस कदम है।101046469696
Pooran Singh@pooran775Aug 14, 2017जिन्हें शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय गान नहीं गाया जाता उन संस्थानों को कोई भी राष्ट्रीय सहायता नहीं दी जानी चाहिए6672728989
Pooran Singh@pooran775Nov 30, 2016बूँद बूँद जल की धरोहर है कल की हर बूँद का सदुपयोग है प्रवंधन जल की।00:001140408686