कुछ सालों बाद ना जाने क्या समा होगा
पता नहीं कौनसा दोस्त कहां होगा
फिर मिलना होगा तो मिलेंगे यादों में
जैसे सुखे गुलाब मिलते हैं किताबों में।
शुभ रात्रि
जिंदगी में जब भी मौक़ा मिले दुआए कमाते रहो क्योंकि जरुरत पड़ने पर दवाएं तो किमत देकर खरीदी जा सकती है
लेकिन दुवाएं किसी बाजार में नही बिकती
जय श्री राम
जय श्री कृष्ण
सु प्रभात
जीवन में कंई बार हम बडी बडी परेशानी यो से युं ही निकल जाते हैं
मानो कोई है जो हमारा साथ दे रहा है उसी अदृश्य शक्ति को हम परमात्मा कहते हैं
जय श्री राम
जय श्री कृष्ण
सु प्रभात