user avatar
JSLPS Jharkhand
@onlineJSLPS
Official page of Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS), under the Rural Development Dept, Govt. of Jharkhand
Ranchi, Jharkhand, India
Joined October 2014
Posts
  • Pinned
    user avatar
    झारखंड@25: अनंत संभावनाओं की ओर.. आज झारखंड स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर सभी ग्राम संगठनों में विशेष आयोजन। झारखंड राज्य के गौरवपूर्ण 25वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आज पूरे राज्य के 21,000 ग्राम संगठनों (VOs) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इन आयोजनों में
  • user avatar
    तसवीरें बयां करती है कि इस महामारी के दौर में भी सिमडेगा जिला की मिलसन हेम्ब्रम जैसी हज़ारों प्रशिक्षित बी.सी.सखी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक #बैंकिंग_सेवायें पहुँचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहीं है। ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का पहिया चलता रहे। @HemantSorenJMM @Alamgircongress
  • user avatar
    देवघर जिला के पालोजोरी प्रखंड की तरुणा देवी अपने समूह से ₹7,000 का ऋण लेकर आधुनिक विधि से सब्जियों की खेती कर रही है। विगत 4 महीनों में तरुणा देवी ने सब्जियों का उत्पादन एवं बिक्री कर लगभग ₹25,000 कि आमदनी की है। @HemantSorenJMM @Alamgircongress
  • user avatar
    आपदा की इस घड़ी में आज राज्य के 50 हजार सखी मंडलों को चक्रिय निधि के रुप में करीब 75 करोड़ की राशि माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM एवं ग्रामीण विकास मंत्री @Alamgircongress द्वारा ऑनलाइन वितरण किया जाएगा। करीब 6 लाख परिवारों को होगा लाभ।
  • user avatar
    उन्नत कृषि से बढ़ी‌ आमदनी.. देवघर जिला के पालोजोरी प्रखंड में सुमा देवी ने #सखीमंडल से ₹20,000 का ऋण लेकर खेती में निवेश किया। #कृषक_मित्र के सहयोग से खेती कर कुल 11 क्विंटल मिर्ची और 7 क्विंटल तरबूज के उत्पादन से ₹63,000 की आमदनी कर पाई है। @HemantSorenJMM @Alamgircongress
  • user avatar
    छोटे ऋण से आजीविका सुनिश्चित करती सखी मंडल की महिलाएँ.. पलामू जिला के पांडू प्रखंड की सुशीला देवी भी #सखी_मंडल से 5000 ₹ ऋण लेकर बकरी एवं खरगोश पालन कर प्रति माह 3000- 4000 ₹ की आमदनी कर रही हैं। आज बकरियों और खरगोशों दोनों की संख्या बढ़कर 2 से 15 हो गई है। @HemantSorenJMM
  • user avatar
    गोड्डा जिला की सरिता कुमारी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अपने #सखी_मंडल से 60 हजार रु का ऋण लेकर किराना दुकान का संचालन कर रही है। आज सरिता प्रति माह 8-10 हजार रु की आमदनी कर रही है और समूह से लिया ऋण भी वापस कर रही है। @HemantSorenJMM @Alamgircongress
  • user avatar
    तस्वीरें तसर पालन की। झारखंड के जंगलों में सखी मंडल की दीदियाँ लगातार इस आजीविका के साधन से जुड़ कर अच्छी आय कर रही हैं। #Tasar #MKSP #Jharkhand@HemantSorenJMM⁩ ⁦@Alamgircongress⁩ ⁦@MoRD_GoI⁩ ⁦@csbmot
  • user avatar
    दुमका सदर के जाराडीह गांव की रहने वाली लैमेनटीना शराब बनाने का काम छोड़कर आज पशुपालन से प्रतिमाह करीब ₹10000 से ₹12000 तक की आमदनी कर रही हैं। #सखी_मंडल से ₹8000 का ऋण लेकर पशुपालन की शुरुआत करने वाली लैमेनटीना के पास आज 3 गाय, 8 बकरियां और 50 चूज़े हैं। @HemantSorenJMM
  • user avatar
    सरायकेला की रहने वाली अंजाना केवर्ट ने सखी मंडल से 50000 का ऋण लेकर राशन दुकान मे निवेश किया। कभी मात्र 200 रु के लिए स्कूल मे कूक का काम करने वाली अंजाना, आज अपने दुकान से दिन भर मे 1200 रुपये कमाती हैं । 20-25 हज़ार महीने की आमदनी हो जाती है । @HemantSorenJMM @Alamgircongress
  • user avatar
    #पलाश_ब्रांड के तहत उत्पादों की बिक्री कर अपनी एक अलग पहचान बना रही #सखी_मंडल की महिलाएं। बाज़ारों तक पलाश प्रॉडक्ट पहुँचने के पीछे इन महिलाओं की कड़ी मेहनत लगती है। उत्पादन, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग में स्वच्छता और शुद्धता का खास ध्यान रखा जाता है। @HemantSorenJMM
  • user avatar
    सखी मंडल के जरिए कोविड-19 के खिलाफ जंग में झारखंड ने पूरे देश को रास्ता दिखाया है।माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM की पहल पर मुख्यमंत्री दीदी किचन पूरे राज्य में अब तक 1.56 करोड़ थालियां परोस चुका है।आप अंदाजा लगा सकते है देश में सबसे ज्यादा नि:शुल्क किचन झारखंड में परिचालित है
  • user avatar
    सेवा, सत्कार एवं भरोसे से भरी 10 लाख थालियां परोसने का उत्सव मनाती साहेबगंज की दीदियां।सखी मंडल की बहनों ने #CMDIDIKitchen में इस अवसर पर खाने की स्पेशल थाली असहाय, लाचारों को परोसी।माननीय @HemantSorenJMM की पहल पर राज्य में अब तक 2.5 करोड़ से थालियां परोसी जा चुकी है।
  • user avatar
    #फूलो_झानो_आशीर्वाद_अभियान बोकारो जिला की सुतली देवी कहतीं हैं, "पहले दारु-हड़िया की बिक्री से खाने-पीने के अलावा बच्चों की पढ़ाई का भी खर्च नहीं निकल पाता था। साथ ही आस-पास की महिलाएँ ताना देतीं थी, लेकिन अब राशन दूकान से घर में रहकर परिवार का खर्च निकल जाता है" @HemantSorenJMM