ये कहते हैं कि औरतें बुर्के में बुरी और परायी नज़र से महफ़ूज़ रहतीं हैं तो फिर ये बिना बुर्के वाली हिन्दू लड़कियों से शादी क्यों करते हैं?
या तो बुर्के का रिवाज ख़त्म करो या हिन्दू लड़कियों से निकाह बंद करो।
ये कहते हैं कि औरतें बुर्के में बुरी और परायी नज़र से महफ़ूज़ रहतीं हैं तो फिर ये बिना बुर्के वाली हिन्दू लड़कियों से शादी क्यों करते हैं?
या तो बुर्के का रिवाज ख़त्म करो या हिन्दू लड़कियों से निकाह बंद करो।