राजस्थान में एक ही जाट नेता है ,जिसने अपनी जुबान ,वचन और स्वाभिमान को सदैव सर्वोपरि रखा..…क्योंकि ये वचनबद्ध लोकदेवता श्री तेजाजी के भक्त है ,किसी राष्ट्रीय पार्टी के नहीं...
बाकी भाजपा कांग्रेस के दोगली जुबान के नेताओ का ना तो कोई स्वाभिमान है और न ही कोई जुबान...