फरामोश⸙
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सुखन लिखता हूँ, लफ़्ज़ों से मुरीद करता हूँ।
पागल शायर हूं, शायरी भी अजीब करता हूँ।।
जगह ढूंढ रहे हैं ⭕
Joined November 2008
- शहर भर की ये उदासी नहीं देखी जाती! कोई हँसती हुई तस्वीर,,,लगा डीपी पर.!!
- मेरे बाद एक हसीना शादियों में भी! सोलह शिरंगार करके उदास रहती है!!
- जाएज़ और नाजाएज़ की तफ़रीक में उलझा हूं! इक ना महरम ने देखा है महरम की तरह..!!!!!
- वो जल्द बाज मुझसे इश्क़ करने लग गई थी! वगरना मैं तो उसे पढ़ाई का मशवरा देता!!!!
- मकान तो कोई खास नहीं था उसकी गली में! मगर एक दरवाजा बेहद खूबसूरत लगता था!!
- प्यार बहुत खूबसूरत चीज है! बस होना सही इंसान से चाइये!!
- वो वक़्त दे तो एक ही कमरे में क़ैद हम! तब्दील अपने जिस्म की आब ओ हवा करें!!
- मगरूर नहीं है वो सरापा हुस्न-ओ-नूर! गर्दन में जो तनाव है, जुल्फों का बोझ है!!
- रखा है सिने से लगाकर खुशबू को हमने! यूँ ही कभी राहों में मिल गया था जो रुमाल तेरा!
- नज़ाकत ऐसी किसी नागिन में नही देखी! लचक तुम्हारी क़मर में कहां से आती है!!!














