सद्गुरु कृपा ही केवलम् ! राष्ट्र प्रथम l जीव मात्र के प्रति प्रेम भाव l किसी भी प्रकार के भेदभाव से सख्त एतराज l योग प्रचारक l शिक्षक l ब्लॉगर l मोटीवेटर l
ये लोग किसी भी प्रश्न का क्या खाकर जवाब देंगे? इनको ज्ञान ही कितना है? इनको पट्टी पढ़ा दी गई - मनुवाद और ब्राह्मणवाद का विरोध करना है। न ये लोग मनुवाद जानते हैं, न ही ब्राह्मणवाद को। यदि ये लोग पूर्वग्रह से हटकर अध्ययन, चिंतन, मनन करें तो सच्चाई जान पाएंगे। प्रथम मानव को मानव तो
मुस्लिमों का अपने मजहब के प्रति समर्पण, विश्वास, आपसी एकता...... से कम से कम हिंदू, यह तो सीखें कि वे तात्कालिक लाभ के लिए अपने धर्म से किसी प्रकार का समझौता न करें । ऐसे किसी राजनीतिक दलों और नेताओं का साथ न दें, जिनका हिंदुओं के विरुद्ध आचरण है ।
मुस्लिम तो यह निश्चय कर बैठे हैं कि भारत पर शासन करना है । हम हिंदू सोए हुए हैं । उस समुदाय का बच्चा बच्चा रात दिन इस योजना में काम कर रहा है । इनके नेता, मौला, मौलवी खुल कर धमकी देते हैं, मंचों से घोषणा करते हैं कि शीघ्र ही भारत पर उनका शासन होगा । यदि मोदी जी की सरकार न आई
जय हो ।
ईट का जवाब पत्थर से देने का समय आ गया है ।
हम हिंदुओं को किसी प्रकार की हिंसा करने की आवश्यकता नहीं है । केवल हमें अपनी एकजुटता सिद्ध करनी है । यह प्रदर्शित करना है कि बहुत सह लिए, अब नहीं सहेंगे ।
करणी सेना की जय!
शरीर से आत्मा निकल गई होगी, परन्तु 72 के पास जाने का प्रश्न ही नहीं उठता है, यह तो कपोल कल्पना मात्र है, लोगों को भरमाने के लिए, ललचाने के लिए यह भ्रम फैलाया गया है ।
84 अवश्य सत्य है, परमात्मा के साक्षात्कार के बगैर यदि आत्मा शरीर त्याग देती है, तो उसे 84 लाख योनियां में भटकना
विचार योग्य तो यह बात है कि इनका कितना ब्रेन वाश किया जाता है कि एक महान पाप को स्वाभाविक मानकर अपनी नियति मानकर चल रहे हैं । यदि यही उचित है तो पशु और मनुष्य में क्या भेद है ???? जब सबको जन्नत ही नसीब होना है तो क्या पाप क्या पुण्य ??? विवेक, चिंतन मनन सत्य दया क्षमा सेवा अहिंसा
कैसा मजहब है, जहां एक स्त्री खिलौना मात्र है । और को ये लोग स्त्री को खेत बोलते हैं । सनातन धर्म में जहां ब्रह्मचर्य (एक पत्नी के साथ केवल संसार उत्पत्ति के लिए, संसर्ग करना) के पालन पर जोर दिया गया है । वहीं यहां स्त्री संग के लिए कोई मर्यादा निश्चित नहीं की गई है । यहां तक कि
मुस्लिम व्यक्ति को कितना बड़ा पद दिया जाए, कितना भी सम्मान दिया जाए, वे धूर्तता से बाज नहीं आते हैं ।
ए पी जे अब्दुल कलाम जी एक विरले व्यक्ति हुए हैं, जिन्होंने एक भारतीय होने का कर्त्तव्य पूर्ण रूप से निभाया है । ऐसे शख्सियत को कोटिश: नमन!
बात कटु जरूर है परन्तु सत्य है । जो डर गया वह मर गया
अपने धर्म को त्याग देना भी मृत्यु के समान है ।
आज जो मुस्लिम हैं, वे सब मरे हुए हैं ।
भय और प्रलोभन में आकर अपने धर्म को परिवर्तित कर लिए, और आज हम पर उंगली उठा रहे हैं ।
शुभ रात्रि
विश्व पटल में एक बहुत बड़ा परिवर्तन होने वाला है । जो भी परिवर्तन होगा, वह भारत के अनुकूल होगा, हितकर होगा । भारत राष्ट्र और भारत राष्ट्र से बाहर स्थित देश द्रोही ताकतें हतोत्साहित होंगी ।
मोदी का विरोध करते करते इनकी मति भ्रष्ट हो गई है । ये पत्रकार बहकी बहकी बातें करने लगे हैं । विरोध अवश्य करें, परन्तु विरोध विवेकहीन न हो । सच्चाई हो । झूठ का तो एक न एक दिन पर्दाफाश हो ही जाता है, तब किस प्रकार के अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है ।
मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज चहुं दिशाओं में सुरक्षित है । विकास के नए मापदंड स्थापित कर रहा है । आर्थिक स्थिति दिन ब दिन मजबूत होती जा रही है । भारतीय जन मोदीजी के साथ खड़े रहे ।
भारत माता की जय!
मोदी है तो मुमकिन है!