न कोई पार्टी को न कोई जाति को न कोई धर्म को
केवल व्यक्तिवादी ...
जो अच्छा लगे उसका साथ दो चाहे कोई पार्टी ,किसी धर्म किसी जाति का हो,जो अपना सा लगे उसी में रम जाओ ,कुछ छुपाने की जरूरत नही ,मेरा निजी मत है
अयोध्या में राम के नाम पर आईएएस आईपीएस से लेकर चपरासी क्लर्क तक सबने प्रशाशन का भय दिखाकर कौडिय़ों के भाव मे जमीने खरीदी तब किसी को याद नहीं आया ये सब खेला हो रहा था तब कहा चले गये थे जिम्मेदार ...अब जब अपने पर पड़ी तो अयोध्यावालों को उल्टा बोल रहे हैं
इस समय जितना मनबढ़ प्रसाशन है उतना ही मनबढ़ बैंक वाले हो गए हैं किसी के ऊपर कोई लगाम नहीं है .....जबकी ये मनबढ़पन तब कहां चला गया था जब नीरव मोदी,विजय माल्या आदि लोग बैंक को चपत लगाकर चंपत हो गए थे 🤔🤔