मैं सत्यपाल मलिक जी का समर्थक हुं लेकिन मुझे एक बात खटक रही है कि पुलवामा हमले के लिए जब इन्होंने मोदी से कहा कि ये हमारी गलती थी और मोदी जी ने इनसे चुप रहने को कहा
तो ये जज्बा और साहस उस वक़्त क्यों नहीं दिखाया….क्यों चुप रहे उस वक़्त
उसी समय सच देश को क्यों नहीं बताया…ऐसी
जिस दिन किसान आंदोलन कर रहे थे और पहलवान आंदोलन कर रहे थे तो सब के सब जाटों को गालियाँ दे रहे थे उल्टे सीधे ट्वीट कर रहे थे पहलवानों के बारे में
और जाटों के बारे में
और आज जब गांऽ कुटाई हो रही है तो जाट और गुर्जर याद आ रहे हैं
जब बाजुओं में और कालजे में पानी भरा हो तो मार्शल
खूब दबोचा मुगलों ने , तुम्हें खिला खिला के पिज़्ज़ा
बरसों बाद मिला है तुमको , खुद की ज़ात का जीजा
यमन कुवैत सऊदी ईराक के, मुग़लों का है तु भतीजा
जा के बैठ जीजा के टोपे पे, तेरा भी लगवा देगा वीजा
चार लठ्ठ का मुखिया , पाँच लठ्ठ का पंच
जाट के पास छ लाठी , वो पंच गिने ना सरपंच
चार मण का चार पाया, चालीस मण की खाट
अस्सी मण का कोटड़ा, सौ मण का जाट
जय #जाट@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg
मैंने ट्विटर पर कई पोस्ट देखि है ओबीसी आरक्षण को लेकर
समस्त ओबीसी जाती के लोगों ने हनुमान जी बेनीवाल @hanumanbeniwal को ट्वीट किया हैँ
तो मेरे एक सवाल हैँ ये हनुमान बेनीवाल मुसीबत में ही क्यों याद आता हैँ
अरे यार पूरी सीट्स दिलवा के सरकार बनाओ हर एक मुराद पूरी होंगी
अत्यंत दुख के साथ सुचित किया जाता है कि हमारे राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता नहीं रहे
@hanumanbeniwal जी कोई छात्र नेता समर्थन मांगने आए तो जूत मारना