@JagranNewspaper@JagranNews देश द्रोही पेपर । ऐसे ही मीडिया वाले शोषित को शोषक साबित करने पर लगे है केवल सरकार का चाटने के लिए । पैसे के लिए जमीर बेच रखा है । #एमसीबीसी इंडस्ट्री
ये बीजेपी के और आरएसएस के कर्मठ कार्यकर्ता हैं । इनका संत होना मुझे कभी प्रमाणिक नहीं लगता ।
माननीय कांसीराम जी और नेता जी मुलायम सिंह यादव जी के बारे में इतना अभद्र बोलने वाला ये व्यक्ति किस आधार पर संत बनने का ढोंग कर रहा है। निश्चय ही ओबीसी एससी एसटी वर्ग से जलन करने वाला है
क्या ये बात सही है !
जब कोई मुसलमान हज पर जाता है तो सफा मरवा नामक दो पहाड़ी के बीच चक्कर लगाता है। फिर पत्थर की ही बनी एक छोटी सी चौकोर इमारत का सात तवाफ करता है, जिसे वह काबा कहता है। इसके बाद पत्थर के शैतान को पत्थर फैंककर मारता है। लेकिन इतने सबके बावजूद हज पूरा नहीं होता।
वैसे मुझे कभी कभी लगता है की 2014 के बाद से ओवैसी और रावण दोनों को कुछ ज्यादा ही मीडिया द्वारा दिखाया गया और इनके पास फंड भी 2014 के बाद कुछ ज्यादा आने लगे । बाकी आप को क्या लगता है भैया जी आप भी बताइए।
प्रयागराज और उसके आस पास एक गौ तस्कर हुआ करता था और वो एक गुंडा अपराधी भी था एक समय । फिर वो बड़ा आदमी और माननीय भी बना बाकी आजकल पता नहीं क्या कर रहा।
नॉर्मलाइजेशन के नाम पर 207 नंबर वाले बच्चे का सिलेक्शन नहीं हुआ जबकि उससे कम वालों का क्वालीफाई हो गया है एग्जाम और बच्चों के नंबर भी शो नहीं किया जा रहे हैं किस आधार पर बच्चे अपने आप को जानेंगे कि हमारे साथ सही हुआ या गलत हुआ।
कैसा विचित्र संयोग है कि आज 19 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस भी है और आज अंतरराष्ट्रीय शौचालय दिवस भी है।
इसका मतलब है कि आज भी पुरुषों की दशा सोचनीय या ( शौचनीय) है....🙄