आभास
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Work as Assistant Professor ।।
Alumnus Banaras Hindu University
Prayagaraj, India
Joined February 2023
- आंख का अंधा ठीक है, किंतु मस्तिष्क का नही।
- मैं पूरी रात जगा रहा, तू मेरे साथ ही रहा। मैं महसूस करता रहा, तू ख्वाब का ख्वाब ही रहा।
- Replying to @infocharlixcxSympathy is a knife and Eternal Sunshine Brilliant idea
- मुद्दतों से जो रूकी थी स्याही कलम की, किसी की चाहत ने मजबूर कर दिया बहाने को।
- Replying to @mellohibenchTommyinnit has done something that is making people happy.
- मैं जो था, वो नहीं हूं और ना आगे रहूंगा। मैं तो वक्त का सताया हूं,वक्त के साथ बदलता रहूंगा।।
- नफरत भी नहीं है तुमसे, गुस्सा भी नहीं हूं और अब तुम्हारी जिन्दगी का हिस्सा भी नहीं हूं। बेपरवाह
- मैं सफर में जूझ रहा हूं, हर तरफ तुझे ढूंढ रहा हूं।
- लगता है हांथ में यश नहीं अपयश है, तपाया, गलाया, भगाया, सताया खुद को, पर पापी का पापी ही रहा। लगता है हांथ में यश नहीं अपयश है, मनाया, समझाया, जगाया, बताया खुद को, पर पापी का पापी ही रहा।


