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मेरी एक बेहद पुरानी रचना, जो आज भी मेरे जीवन का पाथेय है...
हर बार गिरा हर बार उठा,
पर आस न छोड़ी उठने की।
हर बार मुसीबत ही आई,
पर बात नहीं कोई रुकने की।।
मेरी इस करुण कहानी पर
दुनिया हंसती है इठलाती है।
पर अंत भला है किसे पता,
हर हार ,जीत बन जाती है।
#Motivation





