माता-पिता, गुरुजनों, प्रियजनों एवं बालाजी महाराज के आशीर्वाद से आज सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग राजस्थान सरकार में सूचना सहायक के पद पर पदभार ग्रहण किया।
संघर्ष की इस कड़ी में हरदम साथ देने वाले हर साथी का तहे दिल से आभार 🙌🙌
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मेरे गाँव की यह स्कूल 1925 में पुष्कर में हुए जाट सम्मेलन की ही देन है जहाँ पहली बार वंचित वर्ग को बिना रोकटोक पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ था। इस विद्यालय में उस समय आस पास के 15 20 गांव के बच्चे पढ़ने आये जो बाद में राज्य और केंद्र सरकार में विभिन्न उच्च पदों पर रहे। इस प्रकार के
राजकीय कर्मचारियों की इस मांग पर सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। वर्तमान सरकार ने 1 लाख सरकारी नौकरियां दी है जिसमें लगे कार्मिक प्रोबेशन में पूर्ण वेतन भी प्राप्त नहीं कर पा रहे है।
@BhajanlalBjp@KumariDiya@RajCMO
अंधेरों पर जीत की ये शाम, उम्मीदों की नई सुबह लाए।
हर दीप आपके जीवन में खुशियों की लौ बन जलता रहे।
शुभ दीपावली! ✨💛🪔 🪔 🪔 🪔
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पुष्कर में 1925 में जाट समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था जिससे प्रेरणा लेकर हमारे गांव में स्कूल की स्थापना हुई थी। पहली बार कृषक-मजदूर वर्ग को शिक्षा के बारे में जानकर किताब कलम हाथ में उठाने का अवसर प्राप्त हुआ है। कई अन्य तरह की सामाजिक कुरीतियों को लेकर जागरूकता आई थी। उस समय
राजस्थान काश्तकार अधिनियम आने से पूर्व से पूर्व सम्पूर्ण जमीनों पर उस समय के ठिकानेदारों का अधिकार था जो इस अधिनियम के बाद जो जिस खेत को जोत रहा था उसे सौंप दिया गया।
उस समय खेती करने वाला व्यक्ति सिर्फ और सिर्फ "मजदूर" था जिसे पूर्ण वर्ष खेती के बाद उसके परिवार के भरण-पोषण हेतु
क्रूर राजसत्ता को उखाड़ फेंकने के प्रजामंडल आंदोलन के मज़बूत सिपाही चौधरी कुम्भाराम आर्य की पुण्यतिथि है आज।
नमन।
इनका विचार था... 👇
जमीन कींकी.... बावे जींकी।
दरअसल यह विचार कांग्रेस का था...
जिसे Land for tillers कहा जाता है।
यहीं पर शायद कांग्रेस ने एक बहुत बड़ी गलती कर
भाई अनुज अग्निहोत्री ने अपने 60 बीघे में धान की खेती की थी जिसमें उनका कहना है कि उन्हें अंत में मात्र ₹3000 का फायदा हुआ।
राजस्थान में तो इससे भी बुरे हाल है क्योंकि किसानों के पास जमीन नाममात्र की बची है और पानी की भारी कमी के चलते सिर्फ बरसात पर निर्भर हैं।
अब इस मामले
12 सितंबर को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने 175 अभ्यर्थियों का डेटा कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दिया था परन्तु अभी तक बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी नहीं किया गया। आखिर श्रीमान @alokrajRSSB जी ये 175 बच्चों पर कृपा नहीं होने का कारण स्पष्ट करें।
@HANUMANKISAN@Ravindrachdry
जमीन ही मूल कारण है। ✅
जमीन बेचकर बोलेरो खरीदने का ऑप्शन सब को नहीं।
🔰 हनुमान बेनीवाल की लोकप्रियता का यहीं राज है।
🔰 किरोड़ी मीणा की लोकप्रियता का यहीं राज है।
🔰 सचिन पायलट की लोकप्रियता का यहीं राज है।
🔰 रविंद्र भाटी की लोकप्रियता का यहीं राज है।
इसलिए मैं जमींदारों