💕🥀
मैंने कब कहाँ मुझे गुलाब दे,
या प्यार से नवाज़ दे
आज दिल बहुत उदास है मेरा,
गैर बनके ही सही
पर कम से कम आवाज़ तो दे....!! 🫶🫀
सुभाष यादव (जयपुर)
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Jaipur Rajasthan
Joined May 2019
- वो पूछना यह था की ☹️ वो जो लाल दुपट्टा उड़ गया था हवा के झोंके से 🌪️🎀 वो किसी को मिला क्या 🤔 मैने एक सूट खरीदा है उस पर लाल दुपट्टा चाहिए 😜🤪 Good morning Radhe Radhe
- हर सुबह जब मैं अपनी आंखें खोलती हूं तो मैं खुद से कहती हूं आज मुझे खुश या दुखी करने की ताकत घटनाओं में नहीं, बल्कि मुझमें है।'' Each morning when I open my eyes I say to myself: I, not events, have the power to make me happy or unhappy today
- Replying to @tutitoaburaすげぇぞ。 エロ本屋の決済を拒否する理由について、何を聞いてものらりくらりと返事しなかったVISA。 アメリカ本社へ山田太郎代議士が乗り込んだらさっさと決済できるようになった。 我々が選んだ政治家が期待通りに世の中を変えてる。
- प्रेम न कोई अधिकार है ना कोई बंधन "प्रेम तो भावना है जो"कभी दोनों तरफ. तो कभी इक तरफा भी होती है.
- Replying to @Chillwitthmeeअकेले ही तय करने पड़ते हैं कुछ सफर जिंदगी के हर सफर में हमसफर नहीं मिलते। GOOD NIGHT SWEET DREAMS
- Replying to @NexenWavesजिंदगी की राह में मिले होंगे हजार मुसाफिर तुमको जिंदगी भर ना भुला पाओगे वो मुलाक़ात हूँ मैं
- वो भी कितना अजीब शख्स है ना बात करे तो लगता है सिर्फ मेरा है और बात ना करे तो लगता है जैसे मुझे जानता ही नहीं... Sorry
- क्या वेंटीलेटर सिर्फ़ पैसा बनाने की मशीन है???? अक्सर आपने लोगों को ये कहते हुए सुना होगा की वेंटीलेटर पर जाने वाला वाले मरीज़ ठीक नहीं होते या अस्पताल सिर्फ़ पैसा लूटने के लिए मरीज़ को वेंटीलेटर पर रखते हैं। आइये जाने आज बिलकुल सामान्य भाषा में की वेंटीलेटर है क्या। सामान्य
- वो समझता है हर शख्स बदल जाता है उसे लगता है, ज़माना उसके जैसा है
- पुण्य का अर्थ है कुछ ऐसी कमाई ..... जिसे मृत्यु भी न छीन सके .......!!!!!! #RatanTataSir #RafaelNadal
- *🍁 अहंकार की कथा 🍁* *श्रीकृष्ण भगवान द्वारिका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे, निकट ही गरुड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था।* 🤴🌞🌞🌞 . *बातों ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण से पूछा "हे प्रभु, आपने त्रेता
- 🦋...SuNo हर रोज उसकी यादों के दौरे पड़ते हैं मुझको” कोई उस शख्स से समझोता करा दो मेरा..💔 ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी
- क्या बनाने आये थे क्या बना बैठे; कहीं मंदिर बना बैठे कहीं मस्जिद बना बैठे.. हमसे तो जात अच्छी है परिंदों की, कभी मंदिर पर जा बैठे तो कभी मस्जिद पर जा बैठे....😞




