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Santosh Patel DSP
@Santoshpateldsp
DSP Santosh Patel From Panna MP Working SDOP Behat Gwalior MP Police
Balaghat
Joined June 2020
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    1999 में बाबाओं की झाड़ फूंक ने मुझे मृत्यु शैय्या में पहुँचा दिया था तब सतना के बिरला अस्पताल में भर्ती किया। खून न मिलने से ऑपरेशन नहीं हो रहा था तब सफ़ाई कर्मी संतु मास्टर ने ब्लड दिया। 26 साल बाद खोजा तो वो इस दुनिया में नहीं थे। हमने संकल्प लिया है कि बेटी का कन्यादान करेंगे
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    #HappyHoli2023 अपने गाँव तो नहीं जा पाए लेकिन पुलिस ड्यूटी के दौरान हमारी होली चलती फिरती दुआओं से भरपूर रही। Women का मतलब wing of men होता है न कि Weakness of men...#नारी_शक्ति #InternationalWomensDay
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    सलमान ख़ान से भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के समय मुलाक़ात हुई थी। ये हमारी भावनाओं को समझकर फ्री में सब्ज़ी दे दिया करते थे।14 साल बाद जब अचानक मिले तो दोनों बहुत खुश हुए।बुरे समय में साथ निभाने वाले को भूल जाना किसी पाप से कम नहीं।बंदे में एक दोष न हो, बंदा ऐहसान फ़रामोश न हो
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    अंबेडकर एक विचारधारा है जो हमें विपरीत परिस्थितियों में भी क़ानून के दायरे में रहकर लड़ने की प्रेरणा देती है। भीमा बाई जैसी देवी की कोख से एक भीमराव जैसा महापुरुष भारत भूमि में आया जिसने अभिव्यक्ति व शिक्षा का अधिकार दिलाया। शिक्षित होंगे तभी स्वविवेक से निर्णय ले सकते हैं।
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    माता पिता की चमड़ी ने धूल धूप खाई है, तब जाके मैंने ऐसी सुनहरी चमक पाई है। #Parents #poetry #matapita #कविता #DSP #struggling #success #hardworkpaysoff
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    संविधान न होता तो शायद आज मैं खेत मे थ्रेसिंग कर रहा होता,समानता का अधिकार न होता तो शायद मैं तेंदूपत्ता संग्रहण के इंतजार में रहता,शिक्षा का अधिकार न होता तो शायद मैं पैसों की ब्याज जुड़वाने के लिए दूसरों से मदद मांगते फिरता,अम्बेडकर जी न होते तो मैं शायद इतना खुश नहीं होता।
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    रात 12 बजे 3 मासूम बेटियां अंधेरे में सड़क किनारे सो रही थीं क्योंकि मम्मी पापा अस्पताल में भर्ती थे और घर में लाइट नहीं थी। अस्पताल से चौकीदार का बिजली के लिए फोन आया, न तो ये मेरा विभाग था न ही डयूटी थी लेकिन एक फोन बिजली घर मे लगाया तो 5 मिनट में उजाला हो गया#officerpower
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    एक दिव्यांग जो शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम है और वह दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने अपने पिता के साथ आया हुआ था। देखिए उसके हौंसले और पिता का बच्चों के प्रति समर्पण जिसे कंधे में उठाकर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में ले जाते हैं। #Divyang #दिव्यांग #सामाजिक_न्याय #SocialJustice #DSP
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    रात के तीन बजे एक लड़का पैदल तीन किलोमीटर दूर कैटरिंग का काम कर अपने किराए के कमरे में जा रहा है। रात में केटरिंग और दिन में किताबें बैग और आदमी एक ही है। हौंसले व संस्कार अच्छे हैं। क़िस्मत मेहनत से निखरती है संघर्ष से चमकती है ज़िंदगी किसी की भी हो धीरे-धीरे सजती संवरती है।
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    इश्क़ के रंग रंगीन हो गए, अब हम दो से तीन हो गए। ईश्वर कृपा व बुजुर्गों के आशीर्वाद से परिवार में एक सदस्य की वृद्धि हुई जिससे कई लोगों को फायदा हुआ कोई माँ,कोई नाना-नानी,कोई मामा,कोई मौसी,कोई दादा-दादी,कोई चाचा-चाची और कोई भाई-बहन स्वतः बन गया सभी को नए रिश्ते के लिए बधाई😊💐
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    मजदूरी के आधे पैसे न देने वाले #Agra के मालिक को घाटीगाँव में मजदूरी के पूरे 60 हजार रुपये 3 घंटे में घाटीगाँव देने आना पड़ा। जो मजदूरों की मजदूरी खाएगा, कभी बड़ा नहीं बन पाएगा। भले ही दौलत का पहाड़ खड़ा कर ले मगर बद्दुवाओं के बोझ में दब जाएगा। #laboursafety #labourissues #police
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    पुलिस की गाड़ी देख डर गयीं कि कहीं फँसा न दें।ईंट भट्ठों की ज़िंदगी शिक्षा से बहुत दूर रहती है। ये हमारे गाँव तरफ़ के लोग हैं जिनके साथ ख़ुशी के पल बिताए और उन्हें ऐह्सास करवाया कि हमारा बचपन भी ऐसे ही ईंट के फड़ों में बीता लेकिन ज़्यादा समय स्कूल में दिया इसलिए कुछ ख़ास कर पाये।
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    पिता बोले गाँव वापस आ जाओ और भैंस चराओ लेकिन ब्याज में फ़ीस लेकर MTech करने इंदौर पहुँचा तो क़िलेदार सर कड़क प्रोफेसर मिले जिन्होंने कविताओं के कारण कॉलेज से भगवा दिया।10 वर्ष बाद मिठाई लेकर चरण छूने घर गया तो गुरु ने कविता सुनाई इसी को कहते हैं जो भी होता है अच्छे के लिये होताहै
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    भरत व शैलेंद्र गुर्जर दो सगे भाईओं में जमीन को लेकर हाथापाई हुई दोनों एक दूसरे की fir करवाने आये। विवाद को 2 कागज लिखकर थाने से कोर्ट कचहरी में भेज सकते थे लेकिन मौके में पहुंचकर रिश्तेदारों के सहयोग से प्रयास किया तो मामला 1 घण्टे में सुलझ गया। छोटे भाई ने खुशी में रबड़ी बटवाई।
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