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पौराणिक कथा के अनुसार हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था। एक दिन मारुती नंदन अपनी निद्रा से जागे और उन्हें तीव्र भूख लग गई। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे
लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे।
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