हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते
#RahatIndori
Rekhta
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World's largest archive of Urdu poetry and literature. Celebrating the language of love. Organiser of @JashneRekhta. #rekhta #jashnerekhta
- "बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया ख़ालिद शरीफ़" #IrrfanKhan #RestInPeace
- दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है ~Faiz Ahmad #Faiz
- चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है ~ मुनव्वर राना #MothersDay
- सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत ~बशीर बद्र RT if you agree.
- "वो एक रात की गर्दिश में इतना हार गया लिबास पहने रहा और बदन उतार गया ~ हसीब सोज़" #SushantSinghRajput #RIPSSR
- #विश्व_हिंदी_दिवस ये उर्दू बज़्म है और मैं तो हिंदी माँ का जाया हूँ ज़बानें मुल्क़ की बहनें हैं ये पैग़ाम लाया हूँ मुझे दुगनी मुहब्बत से सुनो उर्दू ज़बाँ वालों मैं हिंदी माँ का बेटा हूँ, मैं घर मौसी के आया हूँ @DrKumarVishwas
- मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं ~ जौन एलिया
- बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर माँ सब से कह रही है कि बेटा मज़े में है ~मुनव्वर राना
- किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा ~ अहमद फ़राज़
- मुझ को छाँव में रखा और ख़ुद भी वो जलता रहा मैं ने देखा इक फ़रिश्ता बाप की परछाईं में ~ अज्ञात
- ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या ~ जौन एलिया
- आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो #RahatIndori


