Pinned
सुधर जाइए यह सिर्फ इक आईना है,
जागे नहीं तो अगली बार सफा हो जाना है।
धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राह चलो,
राशन बांटने पर गुमान मत कर,
जनता को लायक बना कर इनका उत्थान कर,
प्रोवेटाइजेशन की जगह हर प्रदेश में नई प्राइवेट कम्पनी लगाए,
रोजगार देकर जनता को आत्म निर्भर बनाएं।



