हमारे पास हारने को कुछ भी नहीं बचा है, पर जीतने के लिए पूरा बहुजन समाज है। मान्यवर कांशीराम जी की विचारधारा पर एकजुट होकर बहुजन कर्मचारी, अधिकारी अपने भौतिक सुखों को त्याग, टीका टिप्पणी की बजाय पुनः समाज को जागरूक करके मजबूत करने में अपनी ऊर्जा व समय लगाएं।
जय भीम