जब सारे सनातनी अयोध्या को लेकर उल्लासित हैं... तब ये पिता-पुत्र {हरिशंकर जैन और विष्णु जैन} मथुरा और काशी की मुक्ति के लिए प्रयासरत हैं। याद रखना... गिन-गिन कर सब वापस लेना है। @Vishnu_Jain1
ये इंसान अलग मिट्टी का बना है... ये प्रेरणा है... डर इसकी डिक्शनरी में है ही नहीं... अंदाज़ देखो इसका... इससे जो अड़ेगा, वो सड़ेगा... ये बाकी साथियों को प्रेरणा दे रहा है कि "वीर भोग्य वसुन्धरा"... अजीत से सीखना होगा कि लड़ाई बहुत कठिन है, लेकिन लड़ना होगा तब तक, जब तक लक्ष्य
मोहतरमा, मुझ पर शर्म करने से पहले कुछ लोकोक्ति और कहावतों का अध्ययन कर लीजिए। इसका मतलब ये है कि धर्म पर बात करने वाली आप जैसी "छलनी" अब सुई के एक छेद पर सवाल उठा रही है। यही फर्क है एक RJ और पत्रकार की समझ में। अपना काम कीजिये, और फरमाइशी गीत सुनाइये। @_sayema
"न भूतो, न भविष्यति"
न पहले कोई ऐसा हुआ है... न कोई आगे ऐसा होगा !!!
प्यारे दोस्त रोहित सरदाना को उनकी पुण्यतिथि पर नमन 🙏
#Rohit_Sardana#RohitSardana@sardanarohit
बॉलीवुड के "रहीम चाचा सिंड्रोम" का 'पूरा सच' !!!
दीवार फ़िल्म के विजय को 786 से प्यार है... लेकिन भगवान शंकर से तकरार है !!!
विजय कैसा नास्तिक है... भगवान को नहीं मानता, लेकिन 786 को सर आंखों रखता है !!!
अन्नू कपूर ने सही कहा है इस बॉलीवुड के बारे में।
#PooraSach
कांग्रेस की “अनपढ़” धरोहर विजयलक्ष्मी पंडित: जन्मदिन विशेष
कहानी नेहरू की “अनपढ़” बहन की... जिसे नेहरू ने सोवियत संघ, अमेरिका और ब्रिटेन में भारत का राजदूत / हाई कमिश्नर बनाया... वो “अनपढ़” बहन जिसने कॉलेज तो छोड़िये, स्कूल का भी मुंह नहीं देखा था, फिर भी उसे यूपी में मंत्री
गृहमंत्री @AmitShah ने गुजरात दंगों में जिस लुटियन मीडिया के गिरोह की साज़िश का ज़िक्र किया है, उसके बारे में मैंने भी अपने अनुभव बताये थे। कैसे इन्होंने गोधरा के दर्दनाक सच को छुपा कर बाकी के गुजरात दंगों का झूठ परोसा था। #GujaratRiots@BJP4India#AmitShah
10 महीने बाद इतनी देर तक न्यूज़ चैनल देखे। अभी तक दोस्त के तौर पर रोहित की कमी खलती थी। लेकिन आज एक दर्शक के तौर पर भी बहुत मिस किया। उंगलियां रिमोट के बटन दबाती रही, आंखें स्क्रीन पर थी लेकिन अंतर्मन की आंखें सिर्फ रोहित को ढूंढ रहीं थीं। @sardanarohit#ElectionResults2022
वो 2002 के गुजरात दंगे से लेकर... 2023 के नूह दंगों तक... वो हर दंगे में एजेंडे के साथ एकतरफा रिपोर्टिंग करता रहा... अब जब उसका एजेंडा बेनकाब हो गया है तो वो कुंठित "गिद्ध" मिडिल क्लास को सांप्रदायिक बता रहा है... इस गिद्ध का असली सच, मैने 2020 में खजुराहो लिट्रेचर फेस्टिवल में