कभी सोचा था कि हजारों लोगो के शव गंगा में फेक दिए जायेंगे।
लाखो लोग बिना मैनेजमेंट के ऑक्सीज की कमी से मारे जायेंगे।
कोरोना के दिस मैनेजमेंट से करोड़ों लोग हजारों किलो मीटर पैदल चलकर कुछ लोग धूप से, कुछ भूख से अपने प्राण त्याग देंगे।
ये बाद का लिखा हुआ इतिहास है, इसमें १०० प्रतिशत सच्चाई नही है। इतिहास को समझने के लिए लेख के साथ साक्ष्य भी देखने पड़ते है तब सच्चाई सामने आती है, आप अपने अधूरे साक्ष्य के साथ १०० प्रतिशत नही कह सकते है।