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अकेले हम बूँद हैं,
मिल जाएं तो सागर हैं
अकेले हम धागा हैं,*
मिल जाएं तो चादर हैं
अकेले हम कागज हैं
*मिल जाएं तो किताब हैं
जीवन का आनंद मिलजुल कर रहने में है
खुश रहो खुशिया बाँटते रहो
🙏🌹 शुभप्रभात 🌹🙏



