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Kitabganj
@Kitabganj1
कहीं नहीं, तो कविताओं में ही सही- कुछ असंभव पर- घटता रहे ।।
Joined October 2018
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    तुम किताबें पढोगे नहीं- तो कहानी तुम्हारी यूँ ही रह जायेगी तुम्हारे चीखने को कह कर संगीत कोई इतिहास की किताब बिक जायेगी।। (फ़ोटो: जय भीम, 2021)
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    कुछ फिल्में वक़्त से पहले बूढ़ी हो जाती हैं। (फिल्म: MNIK, 2010)
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    मेहनत को कोई नहीं देखता है। लोग आएंगे, फेलियर का मैडल डालेंगे और बोलेंगे, ' सिन्सियर नहीं था न तो कर नहीं पाया'।। 🔹 एस्पिरेंट्स (2021)
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    मैं हारा तो क्या, मेरी कोशिश की कहानी मेरे लोगों के जेहन में बाकी है। मैं गिरा तो क्या, मेरे उड़ने के निशान आसमान में बाकी हैं।
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    एक उम्र के बाद सुंदरता नही सहजता आकर्षित करती है ।। 🔹सुमित रिंगवाल
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    एक उम्र के बाद सुंदरता नही सहजता आकर्षित करती है ।। 🔹सुमित रिंगवाल
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    लड़कियां कितना वक्त लगाती हैं खूबसूरत दिखने को। वो जब मेरी क्लासमेट बनी, तो ठीक ही दिखती थी। फिर वो मेरी बेस्ट फ्रेंड बनी साल भर बाद और वो खूबसूरत हुई। चार सालों की दोस्ती के बाद मुझे उससे प्रेम हो गया- अब वो दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की है। 1/2
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    तुम गए तो घर मैंने किताबों से भर दिया। तुम गए तो मैंने तुम्हें किताबों में घर दिया।। (फ़ोटो : आशुतोष गर्ग) #पुरानीKavita
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    मैंने उसको उतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था? ~ वसी शाह (फ़ोटो : मसान, 2015)
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    वो सोचते थे हर फूल बेरहमी से तोड़ लेंगे। बागीचा उफ़ की हिम्मत भी न करेगा। उनका फूलों में फूलन से मिलना बाकी था।। (फ़ोटो : फूलन देवी)
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    मैं मिला न मिला, कोई बात नहीं। पर तू खोज में मेरी निकला इतना बहुत है।। (फ़ोटो : अज्ञात) #पुरानीKavita
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    बहुत से झूठ बोले हैं तुमसे, मैंने कई बार सोने जा रहा हूँ बोल कर देर रात तक पढ़ाई की है। क्योंकि तुम जल्द सोने की जिद करते थे। मैंने बहुत बार पढ़ने का बोलकर अपने उस शराबी दोस्त के साथ वक़्त काटा है जिसे तुम पसन्द नहीं करते थे। 1/2
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    तुम किताबों सी महकती हो, जाने कितनी कहानियाँ दफ़न है-जेहन में । कभी मिले, तो बताना, कि कौन से भूले पन्ने पे, तुमने लिखी है वो शाम, और किस कहानी की फुटनोट पे, रखा है मेरा नाम।। और गुज़ारिश रह गयी, कि, जब मिले कभी हम फिर से, तो एक पन्ने पे, अब कविता लिखेंगे-कहानी नही, 1/2
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    मैं तुमसे प्यार करना चाहता हूं, इस तरह, कि तुम्हें पता ना चले, कभी अगर भूले भटके तुम पूछो, "कैसे हो?" तो मैं कहूं, "सब ठीक ही चल रहा है" बात यह नहीं, कि मैं तुममें देखता हूं, चांद और सूरज, बात तो यह है कि, इस बेमतलब सी दुनिया में, मुझे कोई अच्छा तो लगता है, 1/N