संभोग और सेक्स दोनो अलग है!
सेक्स में किसी एक की इच्छा होती हैं।
जबकि संभोग में दोनो का सहयोग होता है संभोग को अगर विस्तृत अर्थ में देखा जाए तो समान भोग होता है अर्थात दोनो उस आनंद का सामान रूप से भोग करते हैं। जबकि सेक्स कई बार इच्छा के विपरीत भी होता हैं।
गुड नाइट सुनहरे सपनों
लोग स्त्री के उभारों की ऊँचाई देखकर गिर जाते हैं । उसकी गहराइयों में ऐसे डूबते हैं कि मरकर के वापस आते हैं । इसलिए जब भी तुम्हें स्त्री के नजदीक जाने का अवसर मिले चूकना मत ! जरुरी नहीं कि हर बार तुम सेक्स में ही जाओ , कुछ समय ऐसा भी गुजारना ; जहाँ तुम शरीर के पार देखने की कोशिश