हरीश ने मुस्लिम समाज के साथ धोका किया था आज उन्हीं जातिवादी नेताओं को मुसलमानों की वोट चाहिए पर अब मुस्लिम समाज अपना हित समझता है अबकी बार रवसा को ही समर्थन करेगा
जहां से सपा जीत रही है वहां सपा को जहां बसपा जीत रही है वहां बसपा और रही गाली की बात अधिकतर आईटी सेल वालों फ़र्ज़ी पेज और आईडी अलग अलग समाजो के नाम से बनाये हैं एक दूसरे को गाली देने के लिए, अधिकतर जूतनीय लोग है इनमें
राजपूतों के ठेकेदार हो क्या,अमित शाह खुद छत्रिय विरोधी है, गुजरात में एक भी टिकट क्यूं नहीं दी इसने,भाजपा को अपने बा प की बपौती समझके बैठा है, और दलाल भा ज पूत इसका पिछ वाड़ा जीभ् से साफ करने को तैयार है, असली छत्रिय एक भी वोट नहीं देंगे इस बार