रविश कुमार की बातों से सहमति असहमति अपनी जगह है लेकिन पत्रकारिता पर आपकी यह भाषा बहुत कुछ बता रही है... रविश कुमार ने तो पहले से कह रखा है वो घर के कमरे से भी खबर पढ़ देंगे...आप सोचिए आपकी दुकान बंद हो गयी तो खोल नहीं पाएंगे घर से, आपको किसी न किसी दल के तलवे चाटने ही पड़ेंगे।
कंधे पर 3 स्टार लगे होने का मतलब ये नहीं कि जनता को धमकाकर भगा दो
थाना है तभी तो शिकायत लेके गए थे अब शिकायत मयखाने में तो लिखी नहीं जाएगी
@Uppolice का ये व्यवहार उचित नहीं आम जनमानस के साथ
जिसकी बेटी नहीं मिल रही माता-पिता से पूछो क्या बीत रही होगी
उनकी जगह खुद को रखकर देखो।
भागवत साहेब को ये कौन बताए कि आज वो जिस छत के नीचे रह रहे हैं उसे ब्राम्हण ने ही बनाया है
जिस वृक्ष का फल खा रहे हैं उसे ब्राम्हण ने ही लगाया है
संघ की स्थापना पंडितो (ब्राह्मणों) ने की, किसी भगवान ने नहीं की।
वो भी #कलयुग के #ब्राह्मण
Your time is limited, so don't waste it living someone else's life. Don't be trapped by dogma – which is living with the results of other people's thinking. -Steve Jobs
Every day you may make progress. Every step may be fruitful. Yet there will stretch out before you an ever-lengthening, ever-ascending, ever-improving path. You know you will never get to the end of the journey. But this, so far from discouraging, only adds to the joy and glory