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अलका सिंह
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आत्मसंतुष्टि ही ध्येय है। रीपोस्ट निजी विचार नहीं I
India, U .P. / Chhattisgarh
Joined January 2019
- अपनी औक़ात से अधिक का प्रदर्शन समाज में इज़्जत नहीं दिलाता है ,मज़ाक़ का विषय बनता है।
- घटिया को घटिया और उम्दा को उम्दा कहने की हिम्मत होना चाहिए ,चाहे सामने कोई मित्र हो या शत्रु।
- जब आप वास्तविक होते हैं , तो सबसे अलग ,अद्वितीय हो जाते हैं।
- जब हम अपने मन में किसी से नफ़रत करते हैं तो उसको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता ,पर हम ख़ुद नकारात्मकता (#Negativity) के शिकार हो जाते है ।हमारे शरीर में अनेकों विषैले रसायन उत्पन्न होते हैं जिसके कारण हम शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो जाते हैं।
- अपने जीवन में रंग भरने का काम स्वयं करिए ,तभी जीवन की इच्छित तस्वीर मनचाहे रंगों के साथ तैयार होगी।
- अपने आप को शक्तिशाली दिखाने के लिए किसी को अपमानित करना ज़रूरी नहीं होता है।
- अभिमानी और स्वाभिमानी के अंतर को समझ कर ,किसी के व्यक्तित्व का आँकलन करिए।
- भाग्य पहले से लिखा दस्तावेज़ नहीं होता है, इसको रोज़ रोज़ अपनी मेहनत से स्वयं लिखना पड़ता है।
- बर्बाद होना है तो घमंडी बन जाओ , प्रकृति का नियम है, हमारी भावनाओं का असर शरीर और मस्तिष्क दोनों पर होता है।
- हमेशा ही बहुत बड़ा मालिक बनने से पहले , व्यक्ति को एक अच्छे नौकर की तरह बहुत काम करना पड़ता है।
- जिससे मिल के जीवन के प्रति आशा बढ़ जाती है ,वह व्यक्ति प्रेम करने के योग्य है ।















