जगह ही नहीं है ‘दिल’ में ‘पतियों’ के लिए,
क़ब्ज़ा दोस्तों का कुछ ज़्यादा ही हो गया है!
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै!
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जय श्री राधे 🌷🙏🏻
New Delhi, India
Joined June 2019
- समझने वाले तो कर लेते हैं मोहब्बत मग़र ये मोहब्बत करने वाले समझते ही कहाँ है? @AjaiCapt
- यूँ किसी शख़्स के ग़ैर होने पे हैरत कैसी? कभी आज़माओ तो ख़ुद को भी ग़ैर पाओगे! @AjaiCapt
- ज़रूरत नहीं कि वो मुझे कोई रंग ही लगाए, बस इक नज़र ही देख ले मैं हो जाऊँ गुलाल! @AjaiCapt
- मैं तुम्हारे साथ सफ़र पे चलूँ तो चलूँ कैसे? तुम तो हर बार अपनी राह बदल लेते हो! @AjaiCapt
- हैं बहुत दूर मग़र इतने क़रीब हैं तो सही, प्यार न भी हो तो महसूस किया करते हैं! @AjaiCapt
- न जाने कौन सी बंदिश है इस रब्त-ओ-ज़ब्त में, कि तुमसे मिलता हूँ मग़र तुममें मिल नहीं पाता! @AjaiCapt
- ये परस्तिश है इश्क़ की या फिर इब्तिदा मेरी, तू मुझे ‘दिल’ न दे, मग़र ‘पाँव’ तो छू लेने दे! @AjaiCapt
- हो अपने यार का एहसास जिन लम्हों में शिद्दत से, ‘ज़िंदगी’ उन हसीं ‘लम्हों’ से ‘ज़्यादा’ कुछ भी नहीं! @AjaiCapt
- निग़ाहें उठीं फ़लक पे आज शब की रानाई में तो, इब्तिदा-ए-इश्क़ की तरह ये चाँद फिर मुझे लगा। @AjaiCapt
- कि जिस मोड़ पे हम ‘मिलें’ और ‘ज़ुदा’ न हो, ज़िंदगी कभी भी हमें उस मोड़ पे लाती ही नहीं! @AjaiCapt
- हमको तो इक हसीन कहीं भी न मिली, दुनियाँ अग़र हसीन है तो हम क्या करें? @AjaiCapt
- ख़ुदा को भी वही मंज़ूर तो तुमको भी ख़ुद पे है, यही मुश्क़िल है यक़ीं ये तुम्हें मुश्क़िल से होती है!

