Jai ho
"“इन्सान की भावनायों का प्रबल प्रवाह जब रोके नहीं रुकता उस समय वो कला के रूप में उभरता है।”
कला का सर्वश्रेष्ठ उद्धरण 👇👍👌🤗
जय बजरंगबली
जय श्री राम
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।
ॐ हं हनुमते नमः
🙏
सभी को जय श्री राम