कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।
ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥
#12YearsOfKisanSamriddhi

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