अब तक धरती पर 10 लाख से ज्यादा ज्ञात जीवो की प्रजातियां हैं
जिनमें सबसे बेस्ट माइंड है होमो सेपियंस (मानव) का माना जाता है,
लेकिन समझ नहीं आता इनमें से सिर्फ एक होमो सेपियंस (मानव जाती) प्रजाति में ही भूत, चुड़ैल, डायन, काच्चा कलवा , जिन्न, पिसाश, आदि क्यों आते हैं ??
क्योंकि हमने कभी नहीं देखा है कि :
गाय में चुडैल आ गई हो?
सांड में भूत आ गया हो ?
बिल्ली में डायन आ गई हो ?
कुत्ते में जिन्न आ गया हो ?
भैंस में काचा कलवा आ गया हो ?
हाथी में काली छाया आ गई हो ?
ये तमाम प्रजातियां दिन रात स्वतंत्र विचरण करती हैं लेकिन
इनका ना कभी चौराहे में पांव लगता है और ना कभी कब्रिस्तान में ?
जब भी कभी कोई जानवर उल जलूल गुस्सैल हरकत करता है तो
बस अखबारों में छाप देते है कि
आवारा सांड ने मचाया आतंक
पागल कुत्ते ने 5 को काटा
गर्मी में हाथी हुआ बेकाबु……फलां फलां
लेकिन हम इंसानों ने हमारे तथाकथित इलाज के लिए जिंदा मुर्गा दफना दिया, जिंदा बकरे को जला दिया या किसी अन्य जानवर की बली दे दी !!
Structural crisis

जब आप मूलभूत जरूरतों को लाभ कमाने का साधन बना दोगे तो स्वाभिक रूप से संरचनात्मक संकट होगा ,जैसा हमने शिक्षा के साथ किया,वैसा ही हम स्वास्थ सेवाओं के साथ कर रहे है,
स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति का खुद का मामला नहीं है बल्कि ये स्वर्वायपी है..