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📋 CEA Guidelines
⚡ विद्युत सुरक्षा मैनुअल — श्रृंखला

विद्युत लाइनों के क्षेत्र का वर्गीकरण
सामान्य एवं संवेदनशील क्षेत्र

CEA (विद्युत आपूर्ति की तकनीकी मानक) विनियम 2010 के अनुसार

2
मुख्य क्षेत्र प्रकार
10
सुरक्षा अनुभाग
10
प्रश्नोत्तरी प्रश्न
70%
प्रमाणपत्र सीमा

📘 परिचय — विद्युत लाइन क्षेत्र वर्गीकरण क्यों आवश्यक है?

थर्मल पावर प्लांट तथा विद्युत वितरण नेटवर्क में विद्युत लाइनें विभिन्न प्रकार के भौगोलिक, पर्यावरणीय और मानव-निर्मित परिस्थितियों से गुजरती हैं। प्रत्येक क्षेत्र की प्रकृति भिन्न होती है — कुछ क्षेत्र सामान्य परिस्थितियों वाले होते हैं जबकि कुछ क्षेत्र विशेष जोखिमों से युक्त होते हैं।

CEA (केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण) के दिशानिर्देशों के अनुसार, विद्युत लाइनों के मार्ग का उचित वर्गीकरण करना अनिवार्य है ताकि संबंधित इंजीनियरिंग मानकों, सुरक्षा दूरियों और रखरखाव प्रोटोकॉल का सही प्रकार से पालन किया जा सके। यह वर्गीकरण लाइन डिज़ाइन, टावर संरचना, तार तनाव (sag) गणना और सुरक्षा मार्जिन निर्धारित करने में सहायक होता है।

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CEA विनियम आधार: CEA (विद्युत लाइनों का निर्माण, संचालन और रखरखाव) विनियम 2010 — नियम 76 एवं संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत विद्युत लाइनों के मार्ग का वर्गीकरण "सामान्य क्षेत्र (Normal Terrain)" तथा "संवेदनशील क्षेत्र (Vulnerable Terrain)" में किया गया है।

क्षेत्र वर्गीकरण — एक दृष्टि में

दो मुख्य श्रेणियाँ: सामान्य और संवेदनशील क्षेत्र

✅ सामान्य क्षेत्र

Normal Terrain

वे क्षेत्र जहाँ विद्युत लाइन का संचालन मानक परिस्थितियों में होता है और कोई विशेष प्राकृतिक या मानव-निर्मित खतरा नहीं होता।

  • सामान्य कृषि भूमि, मैदानी क्षेत्र
  • शांत वायु क्षेत्र (Wind Zone I & II)
  • निर्जन या कम आबादी वाले क्षेत्र
  • सामान्य मृदा और भू-संरचना
  • औद्योगिक/ग्रामीण क्षेत्र जहाँ हस्तक्षेप न्यूनतम हो
  • स्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियाँ
⚠️ संवेदनशील क्षेत्र

Vulnerable Terrain

वे क्षेत्र जहाँ विद्युत लाइन को अतिरिक्त जोखिमों का सामना करना पड़ता है और विशेष इंजीनियरिंग उपायों की आवश्यकता होती है।

  • पर्वतीय, पहाड़ी एवं दुर्गम इलाके
  • तटीय क्षेत्र (लवणीय वातावरण)
  • उच्च वायु क्षेत्र (Wind Zone III, IV & V)
  • नदी/जलाशय क्रॉसिंग वाले क्षेत्र
  • घनी आबादी/शहरी क्षेत्र
  • औद्योगिक प्रदूषण युक्त क्षेत्र

अनुभाग 1 — सामान्य क्षेत्र की विस्तृत परिभाषा

Normal Terrain — CEA विनियम अनुसार

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सामान्य क्षेत्र (Normal Terrain) — परिभाषा एवं लक्षण

Section 1 of 10 — Normal Terrain Definition

CEA विनियमों के अनुसार, "सामान्य क्षेत्र" वे भौगोलिक इलाके होते हैं जहाँ विद्युत लाइन की इंजीनियरिंग डिज़ाइन मानक गणनाओं एवं मानकीकृत मापदंडों के आधार पर की जा सकती है और जहाँ कोई असामान्य बाह्य प्रतिकूल कारक उपस्थित नहीं होता।

इन क्षेत्रों में मानक conductor sag-tension गणनाएँ, मानक tower height एवं मानक ground clearance मान लागू होते हैं।

मुख्य विशेषताएँ सामान्य क्षेत्रों में मानक IS:5613 के अनुसार इंजीनियरिंग डिज़ाइन मान लागू होते हैं। यहाँ अतिरिक्त सुरक्षा कारक की आवश्यकता नहीं होती और सामान्य रखरखाव चक्र का पालन किया जाता है।
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भौगोलिक स्थिति

समतल मैदान, कृषि भूमि, सामान्य ग्रामीण क्षेत्र जहाँ भूमि में कोई असामान्य उतार-चढ़ाव न हो।

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वायु गति (Wind)

IS:875 के अनुसार Wind Zone I और II के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र — मानक डिज़ाइन wind pressure लागू।

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मृदा संरचना

सामान्य मृदा जिसमें foundation design मानक प्रकार का हो — black cotton soil या दलदली भूमि नहीं।

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जनसंख्या घनत्व

कम या मध्यम जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र जहाँ मानव-विद्युत लाइन संपर्क का जोखिम कम हो।

अनुभाग 2 — संवेदनशील क्षेत्र की विस्तृत परिभाषा

Vulnerable Terrain — CEA विनियम अनुसार

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संवेदनशील क्षेत्र (Vulnerable Terrain) — परिभाषा एवं प्रकार

Section 2 of 10 — Vulnerable Terrain Definition

CEA विनियमों के अनुसार, "संवेदनशील क्षेत्र" वे इलाके हैं जहाँ विद्युत लाइन को प्राकृतिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय या मानवीय कारणों से विशेष प्रकार के जोखिम का सामना करना पड़ता है, और जहाँ मानक डिज़ाइन मापदंड पर्याप्त नहीं होते।

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महत्वपूर्ण चेतावनी संवेदनशील क्षेत्रों में मानक डिज़ाइन का उपयोग करना त्रुटिपूर्ण और खतरनाक है। यहाँ विशेष इंजीनियरिंग विश्लेषण, बढ़ा हुआ सुरक्षा कारक और विशेष सामग्री का उपयोग अनिवार्य है।

संवेदनशील क्षेत्रों के प्रमुख प्रकार:

  • उच्च वायु दाब क्षेत्र: Wind Zone III, IV एवं V — जहाँ अत्यधिक तेज़ हवाएँ conductor को अत्यधिक swing/vibrate करा सकती हैं, जिससे flashover या tower failure का खतरा रहता है।
  • तटीय एवं समुद्री क्षेत्र: समुद्र तट से 10 किमी के दायरे में — जहाँ नमकीन वायु (salt-laden atmosphere) insulator पर saline deposition करती है, जिससे pollution flashover होता है।
  • पर्वतीय एवं पहाड़ी क्षेत्र: 1000 मीटर से अधिक ऊँचाई के इलाके जहाँ Ice/sleet loading, turbulent wind patterns एवं foundation challenges होते हैं।
  • नदी, नहर एवं जलाशय क्रॉसिंग: जल निकायों के ऊपर से गुजरने वाली लाइनें जहाँ विशेष span length एवं ground clearance की आवश्यकता होती है।
  • औद्योगिक प्रदूषण क्षेत्र: सीमेंट, केमिकल, फर्टिलाइज़र प्लांट के पास के इलाके जहाँ chemical deposits insulator को damage करते हैं।
  • घनी आबादी/शहरी क्षेत्र: जहाँ विद्युत लाइन के नीचे निरंतर मानव एवं वाहन गतिविधि होती है और आकस्मिक संपर्क का खतरा अधिक है।

अनुभाग 3 — CEA विनियमों के मुख्य प्रावधान

Ground Clearance एवं डिज़ाइन मानक

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CEA विनियम — क्षेत्र-वार न्यूनतम Ground Clearance

Section 3 of 10 — CEA Regulations & Clearances

CEA विनियम 2010 के अनुसार, विद्युत लाइन के conductor का भूमि से न्यूनतम ऊर्ध्वाधर अंतराल (vertical ground clearance) क्षेत्र के प्रकार तथा वोल्टेज स्तर पर निर्भर करता है:

वोल्टेज (kV) सामान्य क्षेत्र (मीटर) संवेदनशील/शहरी क्षेत्र (मीटर) नदी क्रॉसिंग (मीटर)
11 kV5.25.8उच्चतम बाढ़ स्तर + 3.7
33 kV5.26.1उच्चतम बाढ़ स्तर + 3.7
66 kV5.56.1उच्चतम बाढ़ स्तर + 4.6
132 kV6.17.0उच्चतम बाढ़ स्तर + 4.6
220 kV7.08.0उच्चतम बाढ़ स्तर + 4.6
400 kV8.810.8उच्चतम बाढ़ स्तर + 6.4
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ध्यान दें उपरोक्त clearance मान conductor के maximum sag condition (अधिकतम तापमान एवं अधिकतम wind) में मापे जाते हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में clearance मान सामान्य क्षेत्र से 0.3 से 2.0 मीटर अधिक होते हैं।

अनुभाग 4 — वायु क्षेत्र वर्गीकरण

IS:875 के अनुसार भारत में Wind Zones

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वायु भार वर्गीकरण एवं विद्युत लाइन डिज़ाइन

Section 4 of 10 — Wind Zone Classification

IS:875 (Part-3) के अनुसार भारत को 5 Wind Zones में वर्गीकृत किया गया है। Wind Zone I और II सामान्य क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं, जबकि Wind Zone III, IV और V संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं:

Wind Zone मूल वायु गति (m/s) क्षेत्र वर्गीकरण प्रमुख राज्य/क्षेत्र
Zone I33 m/sसामान्यमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ (अधिकांश भाग), झारखंड
Zone II39 m/sसामान्यUP, Bihar, Rajasthan (कुछ भाग)
Zone III44 m/sसंवेदनशीलCoastal AP, Karnataka Coast
Zone IV47 m/sअत्यधिक संवेदनशीलCoastal Odisha, West Bengal Coast
Zone V50 m/sअत्यंत संवेदनशीलGujarat Coast, Rajasthan Desert
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छत्तीसगढ़ के लिए विशेष नोट ABVTPS (अटल बिहारी वाजपेयी थर्मल पावर स्टेशन) सहित छत्तीसगढ़ के अधिकांश विद्युत संयंत्र Wind Zone I में स्थित हैं। अतः यहाँ की विद्युत लाइनें मुख्यतः सामान्य क्षेत्र श्रेणी में आती हैं, परंतु नदी क्रॉसिंग एवं जलाशय क्षेत्रों को संवेदनशील माना जाता है।

अनुभाग 5 — तटीय एवं प्रदूषण संवेदनशील क्षेत्र

Coastal & Pollution Vulnerable Zones

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तटीय क्षेत्र एवं औद्योगिक प्रदूषण क्षेत्र

Section 5 of 10 — Coastal & Industrial Pollution Zones

तटीय क्षेत्रों में नमकीन हवा (salt-laden air) insulator की सतह पर जमा होकर pollution flashover का कारण बनती है। IEC 60815 के अनुसार pollution severity के आधार पर insulator का चयन किया जाता है:

Pollution Level क्षेत्र प्रकार न्यूनतम Creepage Distance (mm/kV) Insulator प्रकार
Very Light (a)सामान्य — ग्रामीण16Standard Disc
Light (b)सामान्य — कृषि20Standard Disc
Medium (c)संवेदनशील — औद्योगिक25Anti-fog Disc
Heavy (d)संवेदनशील — तटीय31Anti-fog/HDPE
Very Heavy (e)अत्यधिक संवेदनशील≥ 38Silicon Composite
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थर्मल पावर प्लांट के निकट संवेदनशीलता थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली fly ash एवं SO₂ गैस आसपास के क्षेत्र को "Medium to Heavy Pollution" श्रेणी में ला देती है। अतः ABVTPS एवं अन्य थर्मल स्टेशनों की निकटवर्ती विद्युत लाइनों पर Anti-fog insulators का उपयोग अनिवार्य है।

अनुभाग 6 — नदी एवं जलाशय क्रॉसिंग

River & Reservoir Crossings — विशेष प्रावधान

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जल निकाय क्रॉसिंग — संवेदनशील क्षेत्र प्रावधान

Section 6 of 10 — Water Body Crossing Regulations

CEA विनियम 2010 के अनुसार, जब विद्युत लाइन किसी नदी, नहर, झील या जलाशय के ऊपर से गुजरती है, तो वह क्षेत्र स्वतः "संवेदनशील क्षेत्र" की श्रेणी में आता है और निम्नलिखित विशेष मापदंड लागू होते हैं:

  • न्यूनतम Ground Clearance: जल निकाय के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से conductor का ऊर्ध्वाधर अंतराल वोल्टेज के अनुसार 3.7 से 6.4 मीटर होना अनिवार्य है।
  • Extra Strong/Special Design Towers: नदी क्रॉसिंग टावरों को विशेष रूप से बड़े span length एवं अधिक wind load के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
  • Anchor Towers: नदी के दोनों ओर Dead-End (Anchor) Towers लगाए जाते हैं जो conductor tension को सुरक्षित रूप से वहन कर सकें।
  • OPGW/Earth Wire: नदी क्रॉसिंग पर Earth Wire या OPGW (Optical Ground Wire) का उपयोग lightning protection के लिए अनिवार्य है।
  • Navigational Clearance: नौपरिवहन योग्य नदियों में केंद्रीय जल आयोग की अनुमति एवं न्यूनतम clearance आवश्यक है।
  • अतिरिक्त निरीक्षण: नदी क्रॉसिंग टावरों का वार्षिक structural inspection एवं प्रत्येक बाढ़ के बाद foundation inspection अनिवार्य है।
छत्तीसगढ़ में प्रमुख नदी क्रॉसिंग महानदी, शिवनाथ, हसदेव, अरपा नदियों के ऊपर से गुजरने वाली सभी विद्युत लाइनें संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में आती हैं और CSPDCL/PGCIL के विशेष निगरानी तंत्र के अंतर्गत रखी जाती हैं।

अनुभाग 7 — दोनों क्षेत्रों में इंजीनियरिंग अंतर

Design Differences — Normal vs Vulnerable Terrain

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तुलनात्मक इंजीनियरिंग मापदंड

Section 7 of 10 — Comparative Engineering Parameters
इंजीनियरिंग पहलू सामान्य क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र
Tower Designमानक Lattice Steel TowerExtra Heavy Duty / Guyed Tower
FoundationStandard Spread FoundationPile Foundation / Rock Anchor
ConductorACSR Drake/PantherACSR + Extra Sag Control
InsulatorStandard Porcelain/Glass DiscAnti-fog / Silicon Composite
Ground ClearanceStandard (CEA Table-1)Standard + Additional Margin
Safety Factor2.0 (Conductor) / 2.5 (Tower)2.5 (Conductor) / 3.0+ (Tower)
Inspection Frequencyवार्षिक (Annual)अर्धवार्षिक (6 माह में)
Patrolling3-6 माह में एक बारमासिक / भारी मौसम में तत्काल

अनुभाग 8 — रखरखाव कार्य में सुरक्षा सावधानियाँ

Maintenance Safety — Terrain-based Precautions

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क्षेत्र-आधारित रखरखाव सुरक्षा प्रोटोकॉल

Section 8 of 10 — Terrain-based Maintenance Safety

सामान्य क्षेत्र में रखरखाव कार्य के लिए सुरक्षा उपाय:

  • Permit to Work (PTW) प्रणाली का अनुपालन — विद्युत लाइन को de-energize एवं earthed करना अनिवार्य।
  • निर्धारित PPE (Personal Protective Equipment) — HV Gloves, Safety Helmet, Safety Harness।
  • कार्य स्थल पर Danger Tags एवं Safety Locks (LOTO) लगाना।
  • Communication Protocol — Control Room के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना।

संवेदनशील क्षेत्र में रखरखाव कार्य के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय:

  • मौसम की निगरानी: तटीय/पर्वतीय क्षेत्रों में IMD मौसम पूर्वानुमान की जाँच — तेज़ हवा, बारिश, कोहरे में कार्य स्थगित।
  • अतिरिक्त Earthing: संवेदनशील क्षेत्र में Induced Voltage का खतरा अधिक — दोनों छोर पर Earth करना अनिवार्य।
  • नदी/जलाशय के निकट: Boat/Marine Safety Equipment, Life Jacket, Swimming ability certified crew।
  • पर्वतीय क्षेत्र: Mountain Climbing Equipment, Rope Safety, दल में न्यूनतम 3 व्यक्ति।
  • प्रदूषण क्षेत्र: Respiratory Protection (P3 Mask), Eye Protection, Chemical Resistant PPE।
  • शहरी क्षेत्र: Traffic Management, Barricading, Public Safety Announcements अनिवार्य।
पूर्णतः प्रतिबंधित कार्य किसी भी प्रकार के क्षेत्र में — तड़ित (Lightning) के दौरान, तेज़ आँधी-तूफान में, बाढ़ की स्थिति में, रात्रि में बिना पर्याप्त प्रकाश के — विद्युत लाइन पर कार्य करना CEA विनियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित एवं अपराध है।

अनुभाग 9 — क्षेत्र सर्वेक्षण एवं पहचान प्रक्रिया

Terrain Survey & Identification Process

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भू-क्षेत्र सर्वेक्षण विधि एवं दस्तावेज़ीकरण

Section 9 of 10 — Survey & Documentation

नई विद्युत लाइन के मार्ग निर्धारण या पुरानी लाइन की समीक्षा के समय निम्नलिखित सर्वेक्षण प्रक्रिया अपनाई जाती है:

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Remote Sensing & GIS

Satellite imagery एवं GIS mapping द्वारा मार्ग का प्रारंभिक विश्लेषण — भू-आकृति, जल निकाय, वन क्षेत्र की पहचान।

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Ground Survey

Theodolite एवं Total Station द्वारा स्थलाकृतिक सर्वेक्षण — Tower location, profile survey, soil testing।

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Wind Data Analysis

IMD के पिछले 30-50 वर्षों के wind data का विश्लेषण — Maximum wind speed एवं Wind Zone निर्धारण।

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Pollution Assessment

CPCB प्रदूषण मानचित्र एवं स्थानीय उद्योगों के आधार पर Pollution Severity Level निर्धारण।

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Soil Investigation

Tower foundation के लिए Bore Log, Soil Bearing Capacity परीक्षण — विशेषतः संवेदनशील क्षेत्रों में।

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Route Classification Report

सर्वेक्षण के बाद Tower-wise Terrain Classification Report तैयार की जाती है जिसमें प्रत्येक span का वर्गीकरण दर्ज होता है।

अनुभाग 10 — सारांश एवं अनुपालन

Summary & CEA Compliance Requirements

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मुख्य बिंदु — अनुपालन एवं जिम्मेदारी

Section 10 of 10 — Compliance & Responsibility

CEA विनियम 2010 के अनुसार, प्रत्येक विद्युत लाइन के स्वामी (Owner/Licensee) की निम्नलिखित जिम्मेदारियाँ हैं:

  • Terrain Classification Document: प्रत्येक विद्युत लाइन की Route-wise एवं Span-wise Terrain Classification रजिस्टर में दर्ज होनी चाहिए।
  • Design Review: यदि किसी क्षेत्र की प्रकृति बदल जाए (जैसे ग्रामीण क्षेत्र का शहरीकरण) तो तत्काल Terrain Re-Classification एवं Design Review करें।
  • Annual Inspection Report: CEA को प्रतिवर्ष Inspection Report प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • Encroachment Prevention: विद्युत लाइन के Right of Way (RoW) में किसी भी अनधिकृत निर्माण को रोकना लाइन मालिक की जिम्मेदारी है।
  • Public Awareness: संवेदनशील क्षेत्रों में Warning Boards, Danger Markers लगाना अनिवार्य।
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मुख्य संदेश विद्युत लाइन क्षेत्र का सही वर्गीकरण — सामान्य या संवेदनशील — विद्युत सुरक्षा की आधारशिला है। यह केवल इंजीनियरिंग का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा का प्रश्न है। प्रत्येक EHS कर्मी को यह ज्ञान होना आवश्यक है।

🎯 ज्ञान परीक्षण — प्रश्नोत्तरी

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प्रश्न 1 / 10
प्रश्न 01
CEA विनियम 2010 के अनुसार विद्युत लाइनों के क्षेत्र को कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है?
प्रश्न 02
IS:875 के अनुसार कौन से Wind Zones "संवेदनशील क्षेत्र" की श्रेणी में आते हैं?
प्रश्न 03
समुद्र तट से कितने किमी के दायरे में स्थित क्षेत्र को तटीय संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है?
प्रश्न 04
नदी क्रॉसिंग पर विद्युत लाइन का conductor किससे ऊपर होना चाहिए?
प्रश्न 05
संवेदनशील क्षेत्र में Tower का Safety Factor सामान्य क्षेत्र की तुलना में कैसा होता है?
प्रश्न 06
थर्मल पावर प्लांट के निकट विद्युत लाइन पर किस प्रकार के Insulator का उपयोग अनिवार्य होता है?
प्रश्न 07
छत्तीसगढ़ के अधिकांश भाग किस Wind Zone में स्थित हैं?
प्रश्न 08
संवेदनशील क्षेत्र में विद्युत लाइन का Patrolling कितने समय में एक बार होना चाहिए?
प्रश्न 09
400 kV विद्युत लाइन की शहरी/संवेदनशील क्षेत्र में न्यूनतम Ground Clearance क्या होती है?
प्रश्न 10
किस परिस्थिति में CEA विनियम के अनुसार विद्युत लाइन पर कार्य करना पूर्णतः प्रतिबंधित है?
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Frequently Asked Questions — FAQ

सामान्य और संवेदनशील क्षेत्र में मुख्य अंतर क्या है?
सामान्य क्षेत्र वे इलाके हैं जहाँ कोई असामान्य प्राकृतिक या मानव-निर्मित खतरा नहीं होता और मानक इंजीनियरिंग डिज़ाइन लागू होती है। संवेदनशील क्षेत्र वे इलाके हैं जहाँ उच्च वायु दाब, तटीय प्रदूषण, पर्वतीय परिस्थितियाँ, नदी क्रॉसिंग, घनी आबादी या औद्योगिक प्रदूषण जैसे विशेष जोखिम होते हैं। संवेदनशील क्षेत्र में अधिक ground clearance, भारी tower, विशेष insulator और अधिक बार inspection की आवश्यकता होती है।
क्या छत्तीसगढ़ में कोई क्षेत्र संवेदनशील श्रेणी में आता है?
हाँ। यद्यपि छत्तीसगढ़ के अधिकांश भाग Wind Zone I में हैं (सामान्य), परंतु राज्य में कई संवेदनशील क्षेत्र भी हैं। महानदी, हसदेव, शिवनाथ, अरपा जैसी नदियों पर क्रॉसिंग, ABVTPS, NSPCL, SECL जैसे थर्मल/औद्योगिक क्षेत्रों के निकट, तथा रायपुर, भिलाई, बिलासपुर जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में विद्युत लाइनें संवेदनशील श्रेणी में आती हैं।
Pollution Flashover क्या होता है और यह संवेदनशील क्षेत्र से कैसे जुड़ा है?
Pollution Flashover एक विद्युत दुर्घटना है जिसमें insulator की सतह पर जमा प्रदूषण (नमक, धूल, fly ash, केमिकल) नमी के साथ मिलकर conducting layer बना देता है, जिससे insulator के ऊपर से विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है। तटीय, औद्योगिक एवं थर्मल प्लांट के निकट के संवेदनशील क्षेत्रों में यह घटना सबसे अधिक होती है। इसीलिए इन क्षेत्रों में Anti-fog insulators एवं Silicon Composite insulators का उपयोग किया जाता है।
नदी क्रॉसिंग tower का डिज़ाइन सामान्य tower से अलग क्यों होता है?
नदी क्रॉसिंग में span length बहुत अधिक होती है (कभी-कभी 500-1000 मीटर या अधिक), जिससे conductor पर tension एवं sag बहुत अधिक होता है। साथ ही बाढ़ के दौरान नदी में बहकर आने वाली वस्तुओं (boats, debris) से टक्कर का खतरा, तेज़ नदी वायु, foundation पर जल दबाव — इन सभी कारणों से नदी क्रॉसिंग towers को Extra Heavy Duty के रूप में डिज़ाइन किया जाता है। इनके दोनों ओर Dead-End (Anchor) Towers भी लगाए जाते हैं।
किसी क्षेत्र का Terrain Classification कैसे बदलता है?
Terrain Classification स्थायी नहीं होती। यदि किसी क्षेत्र में परिवर्तन आता है — जैसे ग्रामीण क्षेत्र का शहरीकरण, नई औद्योगिक इकाई की स्थापना, बड़े बाँध या जलाशय का निर्माण, या नए मौसमी अध्ययन से उच्च वायु गति का पता चलता है — तो उस क्षेत्र की Terrain Classification की समीक्षा एवं पुनर्वर्गीकरण आवश्यक है। CEA विनियमों के अनुसार यह जिम्मेदारी विद्युत लाइन के स्वामी/लाइसेंसी की होती है।
EHS Officer को Terrain Classification का ज्ञान क्यों होना चाहिए?
EHS Officer को Terrain Classification का ज्ञान इसलिए आवश्यक है क्योंकि: (1) इससे वे maintenance team को सही PPE एवं safety precautions के बारे में निर्देश दे सकते हैं, (2) Risk Assessment में terrain से जुड़े जोखिमों को शामिल कर सकते हैं, (3) Work Permit (PTW) जारी करते समय location-specific conditions को ध्यान में रख सकते हैं, (4) CEA विनियमों के अनुपालन की निगरानी कर सकते हैं, और (5) आपात स्थिति में सही response plan बना सकते हैं।
Creepage Distance क्या होती है और यह Terrain Classification से कैसे जुड़ी है?
Creepage Distance insulator के एक conductor fitting से दूसरे conductor fitting (या earthed metal part) तक insulator की सतह के साथ-साथ मापी गई कुल दूरी होती है। प्रदूषण जितना अधिक होगा, Creepage Distance उतनी अधिक होनी चाहिए ताकि Pollution Flashover न हो। सामान्य क्षेत्र में 16-20 mm/kV पर्याप्त होती है, जबकि संवेदनशील तटीय या औद्योगिक क्षेत्रों में 31-38 mm/kV या अधिक की आवश्यकता होती है।
Safety Gurukul — सुरक्षा गुरुकुल
प्रमाण पत्र
Certificate of Completion
यह प्रमाणित किया जाता है कि
_______________
ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया है
विद्युत लाइनों के क्षेत्र का वर्गीकरण
Classification of Terrain of Electric Lines
(CEA Guidelines — Safety Manual)
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