CEA (विद्युत आपूर्ति की तकनीकी मानक) विनियम 2010 के अनुसार
थर्मल पावर प्लांट तथा विद्युत वितरण नेटवर्क में विद्युत लाइनें विभिन्न प्रकार के भौगोलिक, पर्यावरणीय और मानव-निर्मित परिस्थितियों से गुजरती हैं। प्रत्येक क्षेत्र की प्रकृति भिन्न होती है — कुछ क्षेत्र सामान्य परिस्थितियों वाले होते हैं जबकि कुछ क्षेत्र विशेष जोखिमों से युक्त होते हैं।
CEA (केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण) के दिशानिर्देशों के अनुसार, विद्युत लाइनों के मार्ग का उचित वर्गीकरण करना अनिवार्य है ताकि संबंधित इंजीनियरिंग मानकों, सुरक्षा दूरियों और रखरखाव प्रोटोकॉल का सही प्रकार से पालन किया जा सके। यह वर्गीकरण लाइन डिज़ाइन, टावर संरचना, तार तनाव (sag) गणना और सुरक्षा मार्जिन निर्धारित करने में सहायक होता है।
दो मुख्य श्रेणियाँ: सामान्य और संवेदनशील क्षेत्र
वे क्षेत्र जहाँ विद्युत लाइन का संचालन मानक परिस्थितियों में होता है और कोई विशेष प्राकृतिक या मानव-निर्मित खतरा नहीं होता।
वे क्षेत्र जहाँ विद्युत लाइन को अतिरिक्त जोखिमों का सामना करना पड़ता है और विशेष इंजीनियरिंग उपायों की आवश्यकता होती है।
Normal Terrain — CEA विनियम अनुसार
CEA विनियमों के अनुसार, "सामान्य क्षेत्र" वे भौगोलिक इलाके होते हैं जहाँ विद्युत लाइन की इंजीनियरिंग डिज़ाइन मानक गणनाओं एवं मानकीकृत मापदंडों के आधार पर की जा सकती है और जहाँ कोई असामान्य बाह्य प्रतिकूल कारक उपस्थित नहीं होता।
इन क्षेत्रों में मानक conductor sag-tension गणनाएँ, मानक tower height एवं मानक ground clearance मान लागू होते हैं।
समतल मैदान, कृषि भूमि, सामान्य ग्रामीण क्षेत्र जहाँ भूमि में कोई असामान्य उतार-चढ़ाव न हो।
IS:875 के अनुसार Wind Zone I और II के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र — मानक डिज़ाइन wind pressure लागू।
सामान्य मृदा जिसमें foundation design मानक प्रकार का हो — black cotton soil या दलदली भूमि नहीं।
कम या मध्यम जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र जहाँ मानव-विद्युत लाइन संपर्क का जोखिम कम हो।
Vulnerable Terrain — CEA विनियम अनुसार
CEA विनियमों के अनुसार, "संवेदनशील क्षेत्र" वे इलाके हैं जहाँ विद्युत लाइन को प्राकृतिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय या मानवीय कारणों से विशेष प्रकार के जोखिम का सामना करना पड़ता है, और जहाँ मानक डिज़ाइन मापदंड पर्याप्त नहीं होते।
संवेदनशील क्षेत्रों के प्रमुख प्रकार:
Ground Clearance एवं डिज़ाइन मानक
CEA विनियम 2010 के अनुसार, विद्युत लाइन के conductor का भूमि से न्यूनतम ऊर्ध्वाधर अंतराल (vertical ground clearance) क्षेत्र के प्रकार तथा वोल्टेज स्तर पर निर्भर करता है:
| वोल्टेज (kV) | सामान्य क्षेत्र (मीटर) | संवेदनशील/शहरी क्षेत्र (मीटर) | नदी क्रॉसिंग (मीटर) |
|---|---|---|---|
| 11 kV | 5.2 | 5.8 | उच्चतम बाढ़ स्तर + 3.7 |
| 33 kV | 5.2 | 6.1 | उच्चतम बाढ़ स्तर + 3.7 |
| 66 kV | 5.5 | 6.1 | उच्चतम बाढ़ स्तर + 4.6 |
| 132 kV | 6.1 | 7.0 | उच्चतम बाढ़ स्तर + 4.6 |
| 220 kV | 7.0 | 8.0 | उच्चतम बाढ़ स्तर + 4.6 |
| 400 kV | 8.8 | 10.8 | उच्चतम बाढ़ स्तर + 6.4 |
IS:875 के अनुसार भारत में Wind Zones
IS:875 (Part-3) के अनुसार भारत को 5 Wind Zones में वर्गीकृत किया गया है। Wind Zone I और II सामान्य क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं, जबकि Wind Zone III, IV और V संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं:
| Wind Zone | मूल वायु गति (m/s) | क्षेत्र वर्गीकरण | प्रमुख राज्य/क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| Zone I | 33 m/s | सामान्य | मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ (अधिकांश भाग), झारखंड |
| Zone II | 39 m/s | सामान्य | UP, Bihar, Rajasthan (कुछ भाग) |
| Zone III | 44 m/s | संवेदनशील | Coastal AP, Karnataka Coast |
| Zone IV | 47 m/s | अत्यधिक संवेदनशील | Coastal Odisha, West Bengal Coast |
| Zone V | 50 m/s | अत्यंत संवेदनशील | Gujarat Coast, Rajasthan Desert |
Coastal & Pollution Vulnerable Zones
तटीय क्षेत्रों में नमकीन हवा (salt-laden air) insulator की सतह पर जमा होकर pollution flashover का कारण बनती है। IEC 60815 के अनुसार pollution severity के आधार पर insulator का चयन किया जाता है:
| Pollution Level | क्षेत्र प्रकार | न्यूनतम Creepage Distance (mm/kV) | Insulator प्रकार |
|---|---|---|---|
| Very Light (a) | सामान्य — ग्रामीण | 16 | Standard Disc |
| Light (b) | सामान्य — कृषि | 20 | Standard Disc |
| Medium (c) | संवेदनशील — औद्योगिक | 25 | Anti-fog Disc |
| Heavy (d) | संवेदनशील — तटीय | 31 | Anti-fog/HDPE |
| Very Heavy (e) | अत्यधिक संवेदनशील | ≥ 38 | Silicon Composite |
River & Reservoir Crossings — विशेष प्रावधान
CEA विनियम 2010 के अनुसार, जब विद्युत लाइन किसी नदी, नहर, झील या जलाशय के ऊपर से गुजरती है, तो वह क्षेत्र स्वतः "संवेदनशील क्षेत्र" की श्रेणी में आता है और निम्नलिखित विशेष मापदंड लागू होते हैं:
Design Differences — Normal vs Vulnerable Terrain
| इंजीनियरिंग पहलू | सामान्य क्षेत्र | संवेदनशील क्षेत्र |
|---|---|---|
| Tower Design | मानक Lattice Steel Tower | Extra Heavy Duty / Guyed Tower |
| Foundation | Standard Spread Foundation | Pile Foundation / Rock Anchor |
| Conductor | ACSR Drake/Panther | ACSR + Extra Sag Control |
| Insulator | Standard Porcelain/Glass Disc | Anti-fog / Silicon Composite |
| Ground Clearance | Standard (CEA Table-1) | Standard + Additional Margin |
| Safety Factor | 2.0 (Conductor) / 2.5 (Tower) | 2.5 (Conductor) / 3.0+ (Tower) |
| Inspection Frequency | वार्षिक (Annual) | अर्धवार्षिक (6 माह में) |
| Patrolling | 3-6 माह में एक बार | मासिक / भारी मौसम में तत्काल |
Maintenance Safety — Terrain-based Precautions
सामान्य क्षेत्र में रखरखाव कार्य के लिए सुरक्षा उपाय:
संवेदनशील क्षेत्र में रखरखाव कार्य के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय:
Terrain Survey & Identification Process
नई विद्युत लाइन के मार्ग निर्धारण या पुरानी लाइन की समीक्षा के समय निम्नलिखित सर्वेक्षण प्रक्रिया अपनाई जाती है:
Satellite imagery एवं GIS mapping द्वारा मार्ग का प्रारंभिक विश्लेषण — भू-आकृति, जल निकाय, वन क्षेत्र की पहचान।
Theodolite एवं Total Station द्वारा स्थलाकृतिक सर्वेक्षण — Tower location, profile survey, soil testing।
IMD के पिछले 30-50 वर्षों के wind data का विश्लेषण — Maximum wind speed एवं Wind Zone निर्धारण।
CPCB प्रदूषण मानचित्र एवं स्थानीय उद्योगों के आधार पर Pollution Severity Level निर्धारण।
Tower foundation के लिए Bore Log, Soil Bearing Capacity परीक्षण — विशेषतः संवेदनशील क्षेत्रों में।
सर्वेक्षण के बाद Tower-wise Terrain Classification Report तैयार की जाती है जिसमें प्रत्येक span का वर्गीकरण दर्ज होता है।
Summary & CEA Compliance Requirements
CEA विनियम 2010 के अनुसार, प्रत्येक विद्युत लाइन के स्वामी (Owner/Licensee) की निम्नलिखित जिम्मेदारियाँ हैं:
अपने ज्ञान की जाँच करें और 70% या अधिक पर प्रमाणपत्र प्राप्त करें
Frequently Asked Questions — FAQ